Monday, February 9, 2026

योगी सरकार का मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस, घटा आमजन का स्वास्थ्य खर्च

उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने सोमवार को विधानसभा के बजट सत्र में वर्ष 2025-26 की आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट सदन के पटल पर रखी। रिपोर्ट में प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए किए गए प्रयासों और उपलब्धियों का विस्तृत ब्योरा दिया गया है। आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, प्रदेश सरकार चिकित्सा इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण के विस्तार और आमजन को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।


स्वास्थ्य क्षेत्र को अब तक का सबसे बड़ा बजट आवंटन- वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए कुल 46,728.48 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान किया गया है, जो अब तक का सर्वाधिक आवंटन है। इससे स्पष्ट है कि प्रदेश सरकार ने चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। बजट में अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों, चिकित्सा शिक्षा संस्थानों, स्वास्थ्य अवसंरचना और जनकल्याणकारी स्वास्थ्य कार्यक्रमों के लिए पर्याप्त धनराशि सुनिश्चित की गई है।


राष्ट्रीय औसत से अधिक स्वास्थ्य बजट- आर्थिक सर्वेक्षण में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की ‘स्टेट फाइनेंस: ए स्टडी ऑफ बजट ऑफ 2025-26’ रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया गया कि वर्ष 2025-26 में उत्तर प्रदेश का स्वास्थ्य बजट कुल बजट का 6.1% रहा, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है। यह दर्शाता है कि प्रदेश सरकार अन्य राज्यों की तुलना में स्वास्थ्य सेवाओं पर अधिक निवेश कर रही है। साथ ही, सरकार द्वारा वहन किए जाने वाले स्वास्थ्य व्यय में निरंतर वृद्धि हुई है, जबकि आम लोगों के आउट ऑफ पॉकेट एक्सपेंडिचर में कमी दर्ज की गई है।


सरकारी निवेश बढ़ा, आमजन पर बोझ घटा- आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार अस्पतालों, क्लीनिकों, टीकाकरण, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों और स्वास्थ्य अवसंरचना में अधिक बजट आवंटन से सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता में सुधार हुआ है। इसका सीधा लाभ आम नागरिकों को मिला है और स्वास्थ्य संबंधी खर्च का बोझ कम हुआ है।


संस्थागत प्रसव में उल्लेखनीय वृद्धि- रिपोर्ट में बताया गया है कि जननी सुरक्षा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान जैसी योजनाओं के प्रभाव से प्रदेश में संस्थागत प्रसव में बड़ी वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2021-22 में 34.74 लाख संस्थागत प्रसव हुए थे, जो वर्ष 2024-25 में 18.02% की वृद्धि के साथ बढ़कर 41 लाख हो गए। वर्ष 2024-25 में कुल प्रसव का 96.12% संस्थागत रहा। इसके विपरीत, गैर-संस्थागत प्रसव वर्ष 2021-22 में 3.35 लाख से घटकर वर्ष 2024-25 में 50.44% की कमी के साथ 1.66 लाख रह गए।


टीकाकरण में भी बड़ी उपलब्धि- आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार प्रदेश के सभी जनपदों में 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को 12 जानलेवा बीमारियों से बचाव के लिए निःशुल्क टीकाकरण किया जा रहा है। नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के तहत वर्ष 2024-25 में 100% बच्चों का पूर्ण टीकाकरण किया गया। वहीं, वर्ष 2025-26 में सितंबर 2025 तक 28.62 लाख बच्चे, यानी लगभग 98%, पूर्ण रूप से प्रतिरक्षित किए जा चुके हैं।


मातृ एवं शिशु मृत्यु दर घटाने पर जोर- आर्थिक सर्वेक्षण में नवजात, शिशु और बाल मृत्यु दर कम करने के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत सिक न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू), न्यूट्रीशन रिहैबिलिटेशन सेंटर, गृह आधारित नवजात शिशु देखभाल कार्यक्रम (एचबीएनसी) और कंगारू मदर केयर (केएमसी) जैसी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन पहलों से कमजोर और कुपोषित बच्चों को विशेष देखभाल मिल रही है, जिससे प्रदेश के स्वास्थ्य संकेतकों में लगातार सुधार हो रहा है।

Rajgarh news: राज्‍यमंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) श्री पंवार ने की उपमुख्यमंत्री से भेंट

ब्यावरा विधानसभा क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रदेश सरकार के राज्‍यमंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) मछुआ कल्‍याण एवं मत्‍स्‍य विकास विभाग श्री नारायण सिंह पंवार ने भोपाल में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल से भेंट कर ब्यावरा शासकीय चिकित्सालय में स्वीकृत ट्रॉमा सेंटर की आगामी प्रक्रिया को लेकर विस्तृत चर्चा की। चर्चा में ट्रॉमा सेंटर के लिए आवश्यक आधुनिक चिकित्सा उपकरण, आवश्यक स्टाफ, तथा अन्य संसाधनों की उपलब्धता को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई। उप मुख्यमंत्री श्री राजेंद्र शुक्ल ने इस प्रस्ताव को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई हेतु निर्देशित किया।


राज्‍यमंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) श्री पंवार ने कहा कि प्रदेश सरकार जन-स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और ब्यावरा क्षेत्र में ट्रॉमा सेंटर की स्थापना स्वास्थ्य सेवाओं को एक नई मजबूती प्रदान करेगी। यह केंद्र न केवल समय पर जीवन रक्षक उपचार उपलब्ध कराएगा, बल्कि क्षेत्र के लोगों को बड़े शहरों की ओर रेफर होने की मजबूरी से भी राहत दिलाएगा।

Vidisha news: रोजगार मेले मे 130 पंजीयन, 66 आवेदकों का प्राथमिक चयन

शासकीय आईटीआई विदिशा में युवा संगम रोजगार स्वरोजगार अप्रेंटिशिप मेले का आयोजन किया गया। आईटीआई प्राचार्य कविता रघुवंशी ने बताया कि उक्त मेले में देश के प्रतिष्ठित प्रतिष्ठानों ने भाग लिया जैसे अपोलो टायर्स (गुजरात), मदरसनसुमी (पीथमपुर), वर्धमान टेक्सटाइल्स (बुधनी), मेगनम ग्रुप (भोपाल ), प्रथम फाउंडेशन आईटीसी (विदिशा) एवं अन्य बड़े विभिन्न सेक्टर के प्रतिष्ठानो ने भाग लिया। मेले में विदिशा एवं अन्य जिलों से उपस्थित हुए छात्र छात्राओं का उनकी योग्यता अनुसार चयन किया गया।


इस रोजगार मेले मे कुल 130 पंजीयन हुए जिसमें से 66 आवेदकों का प्राथमिक चयन हुआ। उक्त मेले का आयोजन शासकीय आईटीआई विदिशा, जिला रोजगार कार्यालय, आजीविका मिशन एवं जिला उद्योग विभाग द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।

Sehore news: प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं को दी जा रही हैं निशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं

Sehore| प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत जिले की गर्भवती महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान प्रसव पूर्व देखभाल के लिये प्रत्येक माह की 09 एवं 25 तारीख को जिले के स्वास्थ्य केंद्रों पर देखभाल एवं स्वास्थ्य सेवाओं का निशुल्क लाभ प्रदान किया जा रहा है, ताकि गर्भावस्था और प्रसव के दौरान उनकी सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। अभियान के तहत 09 फरवरी को जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर  841 गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की गई, जिसमें  203 गर्भवती महिलाएं हाई रिस्क पाई गईं।


सीएमएचओ श्री सुधीर कुमार डेहरिया ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना हैं।  इस योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को निशुल्क जाँच, दवाएं, एवं परामर्श दिया जा रहा है। अभियान के तहत उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान एवं विशेष देखभाल की व्यवस्था की जा रही है। इसके तहत प्रसव के समय जटिल अवस्था में उच्च चिकित्सा केन्द्रो में रेफर किया जाता है। गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य जाँच के लिये निशुल्क पिक अप एवं ड्राप की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

Raisen news: मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना अंतर्गत अयोध्या तीर्थ यात्रा हेतु 24 फरवरी तक कर सकते हैं आवेदन

Raisen| प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत आयोध्या की तीर्थ यात्रा हेतु रायसेन जिले के 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों से 24 फरवरी 2026 तक आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।


मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना की पात्रता रखने वाले शहरी क्षेत्र के आवेदक नगरीय निकाय में तथा ग्रामीण क्षेत्र के आवेदक संबंधित जनपद पंचायत में कार्यालयीन दिवसों, अवधि में आवेदन जमा कर सकते है। 


मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत रायसेन जिले के 779 तीर्थ यात्री अयोध्या तीर्थ दर्शन के लिए ट्रेन के माध्यम से 10 मार्च को रवाना होंगे तथा तीर्थदर्शन उपरांत 13 मार्च को वापस रायसेन आएंगे। तीर्थयात्रियों के साथ 16 अनुरक्षक और पांच सुरक्षाकर्मी भी रवाना होंगे।

Sunday, February 8, 2026

WORLD NEWS: पीएम मोदी ने मलेशियाई बिजनेस लीडर्स से की मुलाकात

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने दो दिवसीय मलेशिया दौरे का सफलतापूर्वक समापन किया। इस दौरान जारी एक आधिकारिक बयान में बताया गया कि प्रधानमंत्री मोदी ने मलेशिया के चार प्रमुख उद्योग जगत के नेताओं से मुलाकात की। इस बातचीत के दौरान दोनों देशों के बीच तेजी से मजबूत हो रहे बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) संबंधों पर चर्चा हुई।


प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की सशक्त आर्थिक विकास यात्रा में मलेशियाई कंपनियों की बढ़ती रुचि की सराहना की और कहा कि यह विश्वास दोनों देशों के आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में सहायक होगा।

इसके अलावा, प्रधानमंत्री मोदी ने मलेशियाई उद्योग जगत को भारत में उपलब्ध व्यापक अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।


उन्होंने विशेष रूप से इंफ्रास्ट्रक्चर, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और हेल्थकेयर जैसे तेजी से उभरते क्षेत्रों में निवेश और सहयोग की संभावनाओं पर जोर दिया। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी ने पेट्रोनास के अध्यक्ष एवं समूह सीईओ तेंगकू मुहम्मद तौफिक, बरजया कॉर्पोरेशन बरहाद के संस्थापक दातो सेरी विंसेंट टैन ची यिउन, खजाना नेशनल बरहाद के प्रबंध निदेशक दातो अमीरुल फीसल वान जहीर और फिसन इलेक्ट्रॉनिक्स के संस्थापक दातो पुआ खेइन सेंग से मुलाकात की।


बयान में आगे कहा गया कि प्रधानमंत्री मोदी ने हाल के वर्षों में भारत में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को मजबूत करने तथा एक स्थिर, कुशल और पूर्वानुमानित कारोबारी एवं नीतिगत माहौल तैयार करने के लिए किए गए प्रमुख सुधारों और पहलों का उल्लेख किया। प्रधानमंत्री ने शनिवार को कुआलालंपुर में आयोजित 10वें भारत–मलेशिया सीईओ फोरम की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि इस मंच पर हुई चर्चाएं दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश साझेदारी को और गहराई प्रदान करेंगी।


बयान में कहा गया, “बिजनेस लीडर्स ने ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की दिशा में भारत सरकार द्वारा किए गए संरचनात्मक सुधारों की सराहना की और भारत की मजबूत विकास यात्रा पर पूर्ण विश्वास व्यक्त किया।” इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी और उनके मलेशियाई समकक्ष अनवर इब्राहिम ने सीमा-पार आतंकवाद सहित आतंकवाद के सभी रूपों की कड़े शब्दों में निंदा की। दोनों नेताओं ने आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराते हुए इसे जड़ से समाप्त करने के लिए निरंतर और संयुक्त अंतरराष्ट्रीय प्रयासों का आह्वान किया।दोनों देशों ने कट्टरपंथ और हिंसक उग्रवाद से निपटने, आतंकवाद की फंडिंग पर लगाम लगाने, सर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान और क्षमता निर्माण के क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने पर भी सहमति जताई।

बजट में गरीब, युवा, नारी शक्ति और अन्नदाता के साथ हर वर्ग के कल्याण को दी गई है प्राथमिकता - मंत्री कैलाश विश्वास सारंग

सीहोर में आयोजित पत्रकार वार्ता में युवा, खेल एवं सहकारिता मंत्री श्री कैलाश विश्वास सारंग ने केंद्रीय बजट 2026 - 27 के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रस्तुत किया गया केन्द्रीय बजट विकसित भारत के संकल्पों को सिद्ध करने वाला है। उन्होंने कहा कि भारत आज विश्व की चौथी आर्थिक महाशक्ति बन चुका है। उन्होंने कहा कि यह बजट सतत् आर्थिक विकास के साथ जन अपेक्षाओं को पूरा करने वाला है। इस बजट में उद्योगों को बढ़ावा देने के साथ ही रोजगार के अनेक अवसर प्रदान किए गये है। यह बजट सभी वर्गों की आशा आकांक्षाओं को पूरा करने के साथ उन्हें सशक्त बनाने में निर्णायक सिद्ध होगा।


उन्होने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित व आत्मनिर्भर भारत के विजन का सशक्त दस्तावेज़ है। गरीब, युवा, नारी शक्ति, अन्नदाता के साथ मध्यम वर्ग और उद्यमियों के कल्याण व सशक्तिकरण के प्रावधान बजट में किए गए हैं। जो मध्यप्रदेश सहित देश को 2047 के विकसित भारत की ओर मजबूती से ले जाएगा। देश के कुल कर्ज को जीडीपी के 56 प्रतिशत से घटाकर 50 प्रतिशत तक लाने की भी योजना है। बजट में 7 हाई-स्पीड कॉरिडोर्स के निर्माण और 12.2 लाख करोड़ के कैपिटल एक्सपेंडिचर का प्रावधान किया गया है। सेमीकंडक्टर मिशन के लिए निवेश राशि को 22,500 करोड़ से बढ़ाकर 40,000 करोड़ करने का प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि इस बजट से मध्यप्रदेश को भी व्यापक लाभ होगा और यह बजट वर्ष 2047 के विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में मील का पत्थर साबित होगा।


मंत्री श्री सारंग ने कहा कि बजट 2026-27 में ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसान समृद्धि को मजबूती देने के लिए पशुपालन क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी गई है। यह किसानों की कुल आय का लगभग 16 प्रतिशत है। इस हेतु पशु चिकित्सकों की संख्या बढ़ाने के लिए पूंजी सब्सिडी योजना शुरू किए जाने का प्रावधान किया गया है। किसानों की आय में वृद्धि करने और कृषि को आधुनिक बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। इसके लिए नारियल, चंदन, कोको और काजू जैसी फसलों के लिए विशेष सहायता का प्रावधान किया गया है, साथ ही वर्ष 2030 तक भारतीय काजू और कोको को प्रीमियम वैश्विक ब्रांड बनाने का लक्ष्य है। कृषि क्षेत्र में रेशम, ऊन और जूट जैसे प्राकृतिक फाइबर में आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सरकार ने राष्ट्रीय फाइबर योजना शुरू करने की घोषणा की है। बजट 2026-27 में 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों को एकीकृत कर मछली पालन क्षेत्र को सशक्त बनाने का निर्णय ऐतिहासिक है।


उन्होंने कहा कि ने कहा कि हमारी सरकार की मंशानुसार महिला सशक्तिकरण के लिए देश के प्रत्येक जिले में एक महिला छात्रावास की स्थापना का प्रस्ताव है, इसके लिए लगभग 10,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इससे छात्राओं को सुरक्षित आवास मिल सकेगा। महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने हेतु 1.5 लाख देखभाल सेवा प्रदाताओं और 1 लाख संबद्ध स्वास्थ्य पेशेवरों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। ग्रामीण महिला नेतृत्व वाले उद्यमों के लिए विशेष पहल की गई है, जिसमें लखपति दीदी योजना पर आधारित सामुदायिक स्व-सहायता समूह उद्यम स्थापित करने का प्रावधान है। लखपति दीदी योजना की सफलता को देखते हुए केंद्र सरकार ने महिलाओं के लिए शुरू हुई इस योजना को आगे बढ़ाने का फैसला लिया है। योजना के तहत महिलाओं को आजीविका से बढ़ाकर बिजनेसवुमन बनाने की ओर बढ़ाया जाएगा।


उन्होंने कहा कि युवाओं के कौशल विकास और रोजगार के लिए बजट में व्यापक अवसर हैं। शिक्षा से रोजगार एवं उद्यम स्थायी समिति का गठन और 15,000 माध्यमिक विद्यालयों व 500 महाविद्यालयों में ए.वी.जी.सी. कंटेंट क्रिएटर लैब की स्थापना रचनात्मकता को बढ़ावा देगी। पर्यटन क्षेत्र में आई.आई.एम. के सहयोग से 10 हजार गाइडों के कौशल उन्नयन और खेलो इंडिया मिशन के माध्यम से अगले दशक में खेल क्षेत्र में बदलाव लाने का लक्ष्य युवाओं को नई दिशा देगा। एमएसएमई ग्रोथ फंड के लिए 10,000 करोड़ रुपये का आवंटन युवा उद्यमियों को संबल प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि आगामी 5 सालों में 1 लाख हेल्थ प्रोफेशनल्स को जोड़ा जाएगा। 1.5 लाख केयर गिवर्स को ट्रेनिंग दी जाएगी। साथ ही राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य और न्यूरोसाइकोलॉजी संस्थान स्थापित किया जाएगा। सरकार शिक्षा को रोजगार और उद्यम के साथ जोड़ने के लिए प्रयास कर रही है।


उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए श्बायोफार्मा शक्तिश् के तहत 10,000 करोड़ रुपये का आवंटन और तीन नए एन.आई.पी.ई.आर. संस्थानों का निर्माण भारत को वैश्विक बायोफार्मा केंद्र बनाएगा। 17 दवाओं और 7 असाध्य रोगों की दवाओं पर सीमा शुल्क में छूट और अगले पांच वर्षों में एक लाख संबद्ध स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों को जोड़ने का लक्ष्य स्वास्थ्य सेवाओं को सस्ता और सुलभ बनाएगा। एक हजार से अधिक मान्यता प्राप्त इंडिया क्लिनिकल ट्रायल्स स्थलों का नेटवर्क बनाया जाएगा। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी देश को हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना रहे है उसी क्रम में रक्षा क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने हेतु रक्षा बजट में 15 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। यह देश की सुरक्षा के प्रति प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। रक्षा इकाइयों द्वारा विमानों के रखरखाव, मरम्मत और अन्य आवश्यकताओं के लिए पुर्जी के निर्माण में उपयोग होने वाले आयातित कच्चे माल पर मूलभूत सीमा शुल्क में छूट दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, असैनिक और प्रशिक्षण विमानों के निर्माण के लिए आवश्यक कलपुर्जी पर भी शुल्क में रियायत दी गई है। यह कदम घरेलू रक्षा विनिर्माण और विमानन क्षेत्र को सशक्त बनाएगा।


मंत्री श्री विश्वास सारंग ने कहा कि प्रस्तुत केन्द्रीय बजट में मध्यम वर्ग का विशेष ध्यान रखा गया है। मिडल क्लास परिवारों के स्वास्थ्य के खर्चों में कमी व गुणवत्तापूर्ण इलाज देने के लिए जिला स्तर पर बायोफार्मा और आयुष केंद्रों के लिए 10,000 करोड़ का फंड आवंटित किया गया है। सरकार ने दवाओं पर लगने वाले शुल्क में कटौती की है। साथ ही व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए नवीन कर व्यवस्था लाई गई है जो काफी सरल व डिजिटल है। साथ ही अब टैक्स प्रकरणों को आपराधिक प्रकरण न मानते हुए सिविल प्रकरण माना जायेगा और व्यापारी पैनाल्टी भरकर प्रकरण से मुक्त हो सकेंगे। ई-कॉमर्स निर्यातकों के लिए कुरियर के माध्यम से निर्यात की 10 लाख रुपये की सीमा को समाप्त कर दिया गया है, जो छोटे उद्यमियों और कारीगरों के लिए वैश्विक बाजार के द्वार खोलेगा। साथ ही सीमा शुल्क प्रक्रियाओं को पूरी तरह डिजिटल कर पारदर्शी किया जायेगा। इस दौरान विधायक श्री सुदेश राय, भाजपा जिलाध्यक्ष श्री नरेश मेवाड़ा, नगरपालिका अध्यक्ष श्री प्रिंस राठौर, श्री जितेन्द्र गौड़, श्री प्रितेश राठौर, श्री आशीष पचौरी, श्री पवन जैन, श्री राजेश परिहार सहित पत्रकार गण उपस्थित थे।

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