Wednesday, February 4, 2026

MP NEWS: दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को दो-दो लाख की सहायता राशि जारी

दिव्यांग विवाह प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता  द्वारा आज सात प्रकरणों में आर्थिक सहायता स्वीकृत के आदेश जारी कर दिए गए हैं। इस योजना के तहत दिव्यांगजन के विवाह को प्रोत्साहित कर सामाजिक सुरक्षा एवं सम्मान प्रदान करना है। प्रत्येक पात्र दंपत्ति को 2 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि स्वीकृत की गई है।


कलेक्टर श्री गुप्ता द्वारा जारी स्वीकृति आदेश का हवाला देते हुए सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के उप संचालक ने श्री एके खरे ने बताया कि


स्वीकृत प्रकरणों में जिन सात  हितग्राहियों को राशि क्रमशः 2-2 लाख जारी हुई तदानुसार


श्री शिवजीपाल पाल (50 प्रतिशत अस्थिबाधित दिव्यांग), निवासी गणेशपुरा, विदिशा एवं श्रीमति नेहा पाल (सामान्य), निवासी बिसोनिया, जिला राजगढ़। श्री गौरव शर्मा (80ः अस्थिबाधित दिव्यांग), निवासी लटेरी, जिला विदिशा एवं श्रीमति पूरन पंडा (सामान्य), निवासी चंदेरी, जिला अशोकनगर।


श्री धर्मेन्द्र यादव (सामान्य), निवासी शमशाबाद, जिला विदिशा एवं श्रीमति पूजाबाई यादव (40 प्रतिशत बौद्धिक दिव्यांग), निवासी लटेरी, जिला विदिशा।


श्री चक्रेश अहिरवार (40 प्रतिशत अस्थिबाधित दिव्यांग), निवासी सौराई, विदिशा एवं श्रीमति नीलम अहिरवार (सामान्य), निवासी विदिशा।


श्री लीलेश सम्मरवार (40 प्रतिशत दृष्टिबाधित दिव्यांग), निवासी विदिशा एवं श्रीमति सेवा अहिरवार (सामान्य), निवासी लटेरी, जिला विदिशा।


सबा अस्लम (100 प्रतिशत दृष्टिबाधित दिव्यांग), निवासी सिरोंज, जिला विदिशा एवं अंजुम जावेद (सामान्य), निवासी सवाई माधोपुर, राजस्थान।


श्रीमति सोनम भावसार (40 प्रतिशत अस्थिबाधित दिव्यांग), निवासी विदिशा एवं श्री सोनू नामदेव (सामान्य), निवासी गुना,  शामिल हैं। विभागीय अधिकारी ने बताया कि यह योजना दिव्यांगजनों को सामाजिक मुख्यधारा से जोड़ने और उनके वैवाहिक जीवन की आर्थिक मजबूती सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पात्र हितग्राहियों को शासन की इस योजना का लाभ पारदर्शी प्रक्रिया के तहत प्रदान करना है।

एलबीएस कॉलेज में सफल कैंपस प्लेसमेंट ड्राइवर 260 में से 107 विद्यार्थियों का चयन

सिरोंज: विदिशा में आईटीसी मिशन सुनहरा कल, प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन और शासकीय लाल बहादुर शास्त्री (एलबीएस) कॉलेज के संयुक्त प्रयास से इकोसिस्टम प्रोग्राम एवं स्वामी विवेकानंद कैरियर गाइडेंस के अंतर्गत एक सुव्यवस्थित कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना और उन्हें उद्योग जगत से सीधे जोड़ना रहा।


प्लेसमेंट ड्राइव में कुल 8 प्रतिष्ठित कंपनियों ने भाग लिया। इनमें भोपाल, मंडीदीप, पीथमपुर और सानंद (गुजरात) जैसे प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों की कंपनियाँ शामिल रहीं। कंपनियों के प्रतिनिधियों द्वारा विभिन्न चरणों में साक्षात्कार और चयन प्रक्रिया संचालित की गई।


कॉलेज के 260 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की, जिनमें से 107 विद्यार्थियों का विभिन्न कंपनियों में चयन हुआ। चयनित विद्यार्थियों में भविष्य को लेकर उत्साह और आत्मविश्वास स्पष्ट दिखाई दिया।


इस अवसर पर आईटीसी मिशन सुनहरा कल एवं प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने कहा कि इकोसिस्टम प्रोग्राम का उद्देश्य युवाओं को कौशल विकास, रोजगारपरक प्रशिक्षण और उद्योग जगत से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है। ऐसे प्लेसमेंट आयोजन युवाओं के करियर निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


कॉलेज प्रशासन ने इस सफल आयोजन के लिए आईटीसी मिशन सुनहरा कल और प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे रोजगारोन्मुखी कार्यक्रमों के आयोजन हेतु सहयोग जारी रखने की बात कही।


यह कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव विद्यार्थियों के लिए एक सुनहरा अवसर साबित हुई, जिसने उनके करियर को नई दिशा देने का मार्ग प्रशस्त किया।

आईजी, कलेक्टर, डीआईजी और एसपी ने कुबेरेश्वर धाम पहुंचकर कथा की तैयारियों का किया निरीक्षण

Sehore: मध्यप्रदेश के सीहोर स्थित कुबेरेश्वर धाम में प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा द्वारा आयोजित होने वाला भव्य रुद्राक्ष महोत्सव और शिवमहापुराण कथा 2026 में 14 से 20 फरवरी तक आयोजित किया जाएगा। कुबेरेश्वर धाम आयोजित होने वाले सात दिवसीय रूद्राक्ष महोत्सव एवं शिवमहापुराण कथा के दृष्टिगत पुलिस महानिरीक्षक श्री संजय तिवारी, कलेक्टर श्री बालागुरू के., उप पुलिस महानिरीक्षक श्री ओम प्रकाश त्रिपाठी और पुलिस अधीक्षक श्री दीपक कुमार शुक्ला ने आयोजन स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कथा स्थल की सभी व्यवस्थाओं को देखा और प‍ंडित प्रदीप मिश्रा, संबंधित विभागीय अधिकारियों एवं आयोजन समिति के सदस्यों के साथ बैठक कर आयोजन के संबंध में चर्चा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।


उन्होंने भोजनशाला, कथा पंडाल, प्रवेश एवं निकास द्वार, पार्किंग स्थल तथा कंट्रोल रूम का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि भोजनशाला में स्वच्छता, गुणवत्ता एवं खाद्य सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए। कथा पंडाल को सुरक्षित एवं मजबूत बनाया जाए तथा कंट्रोल रूम को पूरी तरह क्रियाशील रखा जाए। चिकित्सा व्यवस्थाओं के संबंध में उन्होंने निर्देश दिए कि आयोजन स्थल पर पर्याप्त संख्या में एम्बुलेंस, प्रशिक्षित चिकित्सकीय स्टाफ एवं आवश्यक दवाइयां उपलब्ध रहें। उन्होंने कथा स्थल पर मिनी आईसीयू स्थापित करने के निर्देश दिए, ताकि गंभीर स्थिति में मरीजों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सके। 


उन्होंने निरीक्षण के दौरान कानून-व्यवस्था, सुरक्षा एवं यातायात नियंत्रण को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे नियमित रूप से स्थल का भ्रमण कर प्रगति की समीक्षा करें और यह सुनिश्चित करें कि कथा की सभी व्यवस्थाएं पूर्ण रूप से दुरूस्त हो, ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं श्रद्धामय वातावरण प्राप्त हो सके। निरीक्षण के दौरान एएसपी श्रीमती सुनीता रावत, एसडीएम श्री तन्मय वर्मा, सीएसपी डॉ. अभिनंदना शर्मा श्री समीर शुक्ला सहित अन्य अधिकारी एवं समिति के सदस्य उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना अंतर्गत जिले के वृद्धजनों से अयोध्या तीर्थ यात्रा हेतु 24 फरवरी तक आवेदन आमंत्रित

प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत आयोध्या की तीर्थ यात्रा हेतु रायसेन जिले के 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों से 24 फरवरी 2026 तक आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना की पात्रता रखने वाले  शहरी क्षेत्र के आवेदक नगरीय निकाय में तथा ग्रामीण क्षेत्र के आवेदक संबंधित जनपद पंचायत में कार्यालयीन दिवसों, अवधि में आवेदन जमा कर सकते है। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के तहत रायसेन जिले के 779 तीर्थ यात्री अयोध्या तीर्थ दर्शन के लिए ट्रेन के माध्यम से 10 मार्च को रवाना होंगे तथा तीर्थदर्शन उपरांत 13 मार्च को वापस रायसेन आएंगे। तीर्थयात्रियों के साथ 16 अनुरक्षक और पांच सुरक्षाकर्मी भी रवाना होंगे।


मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना मध्य प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई एक अनूठी पहल है, जो 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों (महिलाओं के लिए 2 वर्ष की छूट के साथ) को जीवन में एक बार देश के विभिन्न तीर्थ स्थलों की निःशुल्क यात्रा कराती है। इसके तहत आईआरसीटीसी के माध्यम से विशेष ट्रेन द्वारा बद्रीनाथ, रामेश्वरम, कामाख्या जैसे स्थानों की यात्रा, भोजन और आवास की व्यवस्था सरकार करती है। 


योजना के मुख्य विवरण:

  • उद्देश्य:- वरिष्ठ नागरिकों को बिना किसी आर्थिक बोझ के तीर्थ यात्रा का अवसर प्रदान करना।
  • पात्रता:- 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के नागरिक, जो मध्य प्रदेश के मूल निवासी हों और आयकर दाता न हों।
  • सुविधाएं:- विशेष ट्रेन/हवाई यात्रा, भोजन, ठहरने की व्यवस्था, और आवश्यक होने पर बस परिवहन।
  • यात्रा गंतव्य:- रामेश्वरम, द्वारका, वैष्णो देवी, तिरुपति, जगन्नाथपुरी, कामाख्या, और अयोध्या धाम जैसे प्रमुख स्थल।
  • आवेदन प्रक्रिया:- इसके लिए आवेदन जिला कार्यालय या नगरीय निकाय कार्यालय के माध्यम से जमा किया जा सकता है। 


इस योजना का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को सुखद बनाना और उनके आध्यात्मिक सपनों को पूरा करना है। 

Hypothyroidism: युवाओं में बढ़ते हाइपोथाइरॉएडिज्म के लिए विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध

युवाओं में हाइपोथाइरॉएडिज्म रोग को जल्द से जल्द डायग्नोज करने एवं उपचारित करने के लिए, आयुष मंत्रालय भारत सरकार और शासकीय होम्योपैथी चिकित्सा महाविद्यालय भोपाल ने, संयुक्त रूप से महाविद्यालय परिसर में एक विशेषज्ञ इकाई की स्थापना की है, इसमें हाइपोथाइरॉएडिज्म के मरीजों का उपचार किया जा रहा है। यहां होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति योग आहार चिकित्सा और प्राकृतिक पद्धतियों से व्यक्ति का संपूर्ण उपचार प्रदान किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में रोगी लाभान्वित हो रहे हैं। इस उपचार के पूर्व रोगी का बॉडी कंपोजिशन एनालिसिस किया जाता है ताकि दिए जाने वाले उपचार को व्यक्ति विशेष के लिए संधारित किया जा सके।


उक्त उपचार का लाभ पूर्व पंजीयन के माध्यम से शासकीय होम्योपैथी चिकित्सा महाविद्यालय में किया जाता है। इसके लिए दूरभाष क्रमांक 0755-2992970 पर शासकीय कार्य दिवसों में प्रातः 10 से सायं 5 बजे तक पंजीयन सुविधा उपलब्ध है। पंजीयन के पश्चात, सभी को अपने पूर्व की जांचों को लेकर आना अनिवार्य है और यथासंभव आवंटित दिवस पर उपलब्ध होना होगा ताकि अन्य रोगियों की व्यवस्था में किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न ना हो। वर्तमान समय में जीवन शैली आहार और वातावरण के प्रभाव से युवा वर्ग में, हाइपोथाइरॉएडिज्म या अल्प सक्रिय थायराइड नामक रोग बड़ी संख्या में देखने को मिल रहा है। प्रायः यह रोग शरीर के वजन को बढ़ाता है और क्रियाशीलता पर प्रभाव डालता है। यदि यह बहुत कम आयु में हो जाता है तो बालक के विकास पर बहुत प्रभाव पड़ता है।


युवाओं में विशेषकर, स्त्रियों में यह अनियमित माहवारी के रूप में शुरू होता है, इस कारण शरीर के रासायनिक असंतुलन से अन्य कई समस्याएं जैसे डायबिटीज, ओबेसिटी, जोड़ों में दर्द आदि भविष्य में उत्पन्न होने की संभावना बहुत बढ़ जाती है। मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं प्राचार्य डॉ एस के मिश्रा ने बताया कि इस प्रकार की गंभीर समस्या को अल्पायु में उपचारित करने से लोगों के जीवन की क्वालिटी को बढ़ाया जा सकता है और यथासंभव रासायनिक उत्पादों से उनकी सुरक्षा की जा सकती है। इस उपचार के दौरान पूर्व से ली जा रही किसी भी दवा को बंद नहीं किया जाता है अपितु हमारे विशेषज्ञ के अनुरूप रोगी की आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त उपचार प्रदान किया जाता है। कार्यक्रम प्रमुख एवं नोडल अधिकारी डॉ जूही गुप्ता ने बताया कि यह परिवर्तन बच्चों में कम आयु से दिखाई देने लगे हैं और 18 वर्ष की आयु आते-आते यह स्पष्ट रोग का स्वरूप लेते दिखाई दे रहे हैं। यदि हाइपोथाइरॉएडिज्म की समस्या को अल्पायु में उपचारित किया जा सकेगा तो यह भविष्य में आने वाली पढ़ियों पर अनुवांशिक प्रभाव को रोकने की एक सफल कोशिश होगी।

Tuesday, February 3, 2026

मध्यप्रदेश राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड ने जारी की परीक्षा ति‍थि, प्रदेश भर में बनाए गए 386 परीक्षा केंद्र

मध्यप्रदेश राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा जिला उत्कृष्ट व मॉडल स्कूल एवं श्रमोदय आवासीय प्रवेश चयन परीक्षा 2026 का आयोजन किया जा रहा है। यह परीक्षा 8 फरवरी 2026 को सुबह 11 बजे से शुरू होगी और दोपहर 1 बजे तक चलेगी।


श्रमोदय आवासीय प्रवेश परीक्षा में कुल 2 हजार 870 विद्यार्थी एवं जिला उत्कृष्ट/मॉडल स्कूल प्रवेश परीक्षा में 80 हजार 699 विद्यार्थी शामिल होंगे। परीक्षा के लिए प्रदेशभर में कुल 386 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।


प्रवेश परीक्षा में शामिल होने वाले सभी विद्यार्थियों के प्रवेश पत्र मध्यप्रदेश राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड की वेबसाइट www.mpsos.nic.in पर अपलोड कर दिए गए हैं। मध्यप्रदेश राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा यह निर्देशित किया गया है कि सभी परीक्षार्थी समय रहते अपना प्रवेश पत्र डाउनलोड कर लें तथा निर्धारित तिथि एवं समय पर परीक्षा केंद्र पर उपस्थित हों।


परीक्षार्थियों की सुविधा के लिए बोर्ड द्वारा कंट्रोल रूम की व्यवस्था की गई है। किसी भी प्रकार की जानकारी अथवा सहायता के लिए अभ्यर्थी दूरभाष क्रमांक 0755-2552106 पर संपर्क कर अपनी समस्या का समाधान प्राप्त कर सकते हैं।

भोजपुर में महाशिवरात्रि पर होगा 3 दिवसीय ‘महादेव-भोजपुर महोत्सव’

महाशिवरात्रि के पावन पर्व के अवसर पर संस्कृति विभाग, मध्यप्रदेश शासन द्वारा शिव-साधना, लोकआस्था एवं कला-सौंदर्य के समन्वित उत्सव के रूप में ऐतिहासिक भोजपुर शिव मंदिर प्रांगण में तीन दिवसीय ‘महादेव भोजपुर महोत्सव’ का आयोजन 15 से 17 फरवरी 2026 तक प्रतिदिन सायं 6.30 बजे से किया जाएगा। जिला प्रशासन रायसेन के सहयोग से आयोजित यह महोत्सव शिव-शक्ति, लोकपरंपरा और सांस्कृतिक चेतना का भव्य उत्सव होगा। संस्कृति संचालक श्री एनपी नामदेव ने बताया कि यह महोत्सव भोजपुर की ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक धरोहर को सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों के माध्यम से राष्ट्रीय पटल पर प्रतिष्ठित करने का सशक्त प्रयास है। लोकगायन, लोकनृत्य, नृत्य-नाटिका, सुगम संगीत एवं काव्य-पाठ के माध्यम से शिव महिमा, लोकसंवेदना और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों की सजीव प्रस्तुति की जाएगी। 


महोत्सव के प्रथम दिवस 15 फरवरी को सागर के ऋषि विश्वकर्मा द्वारा प्रस्तुत लोकगायन से कार्यक्रम का शुभारंभ होगा, जो मंदिर प्रांगण को भक्तिरस से अनुप्राणित करेगा। इसके पश्चात सागर के उमेश नामदेव द्वारा प्रस्तुत बधाई एवं बरेदी लोकनृत्य में लोकजीवन की जीवंत छवियाँ साकार होंगी। संध्या का विशेष आकर्षण मुंबई के सुप्रसिद्ध भजन गायक श्री लखबीर सिंह लक्खा का भक्ति गायन होगा, जो श्रद्धालुओं को शिवभक्ति में लीन कर देगा।

महोत्सव के द्वितीय दिवस 16 फरवरी को भोपाल की शीला त्रिपाठी द्वारा लोकगायन की प्रस्तुति दी जाएगी। इसके उपरांत मुंबई की भावना शाह एवं साथी कलाकारों द्वारा शिव महिमा पर आधारित नृत्य-नाटिका का मंचन किया जाएगा, जिसमें नृत्य, भाव और संगीत का प्रभावशाली समन्वय दर्शकों को आध्यात्मिक अनुभूति से भर देगा। दूसरे दिन का समापन मुंबई की सुप्रसिद्ध पार्श्व गायिका महालक्ष्मी अय्यर की मधुर सुगम संगीत प्रस्तुति से होगा।


महोत्सव के अंतिम दिवस 17 फरवरी को भोपाल के बलराम पुरोहित द्वारा लोकगायन प्रस्तुत किया जाएगा। इसके पश्चात भोपाल की आकृति जैन एवं साथी कलाकारों द्वारा प्रस्तुत शिव-केंद्रित नृत्य-नाटिका वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित करेगी। समापन अवसर पर आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में देश के प्रतिष्ठित कविकृदिल्ली के अशोक चक्रधर, मुंबई के दिनेश बावरा, आगरा के प्रताप फौजदार, दिल्ली के गजेन्द्र सोलंकी, आगरा की रुचि चतुर्वेदी, मथुरा की पूनम वर्मा तथा दिल्ली की मनु वैशाली अपनी सशक्त, संवेदनशील एवं भावपूर्ण रचनाओं से काव्यरस की अविरल धारा प्रवाहित करेंगे। यह महोत्सव न केवल शिवभक्ति और लोकपरंपराओं का उत्सव है, बल्कि जनसामान्य को भारतीय सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम भी है। संस्कृति विभाग द्वारा आमजन से अपील की गई है कि वे इस सांस्कृतिक महोत्सव में सहभागिता कर शिव-साधना और कला-सौंदर्य के इस दिव्य संगम का साक्षी बनें।

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