Sunday, February 1, 2026

युवाओं के लिए नए अवसर और योगा व डिजाइन उद्योग के विकास को लेकर वित्त मंत्री ने बड़ी घोषणाएं

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज रविवार को बजट भाषण के दौरान युवाओं के लिए नए अवसर और योगा व डिजाइन उद्योग के विकास को लेकर कई घोषणाएं की। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं के लिए कुशल करियर के नए रास्ते बनाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े स्तर पर फोकस किया जाएगा।


वित्त मंत्री ने बताया कि एलाइड हेल्थ प्रोफेशनल्स (एएचपी) के लिए मौजूदा संस्थानों को अपग्रेड किया जाएगा। सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में नए एएचपी संस्थान खोले जाएंगे। यह योजना 10 चयनित विषयों को कवर करेगी, जिनमें ऑप्टोमेट्री, रेडियोलॉजी, एनेस्थीसिया, ओटी टेक्नोलॉजी, एप्लाइड साइकोलॉजी और बिहेवियरल हेल्थ शामिल हैं। अगले पांच वर्षों में इस पहल के तहत एक लाख नए एएचपी तैयार किए जाएंगे।


केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, “प्राचीन भारतीय योग, जिसे दुनिया के कई हिस्सों में पहले से ही सम्मान मिलता है, उसे तब बड़े पैमाने पर ग्लोबल पहचान मिली जब प्रधानमंत्री इसे यूएन ले गए। बढ़ती वैश्विक मांग को पूरा करने के लिए, कुछ और कदम उठाए जा रहे हैं। तीन नए अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान स्थापित किए जाएंगे। सर्टिफिकेशन इकोसिस्टम के उच्च मानकों के लिए आयुष फार्मेसियों और दवा परीक्षण प्रयोगशालाओं को अपग्रेड किया जाएगा और अधिक कुशल कर्मियों को उपलब्ध कराया जाएगा। पारंपरिक चिकित्सा के लिए साक्ष्य-आधारित अनुसंधान, प्रशिक्षण और जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए जामनगर में डब्ल्यूएचओ ग्लोबल ट्रेडिशनल मेडिसिन सेंटर को अपग्रेड किया जाएगा।”


डिजाइन सेक्टर को लेकर भी वित्त मंत्री ने बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि भारतीय डिजाइन उद्योग तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन देश में कुशल डिजाइनरों की कमी है। इस कमी को दूर करने के लिए ‘चैलेंज रूट’ के माध्यम से पूर्वी भारत में एक नया नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन स्थापित किया जाएगा, जिससे डिजाइन शिक्षा और विकास को बढ़ावा मिलेगा।


यह बजट निर्मला सीतारमण का लगातार नौवां बजट है। इसके साथ ही वह पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के 10 बजट पेश करने के रिकॉर्ड के और करीब पहुंच गई हैं। देसाई ने 1959 से 1964 के बीच छह और 1967 से 1969 के बीच चार बजट पेश किए थे। वहीं, पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम और प्रणब मुखर्जी ने अलग-अलग प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल में क्रमशः नौ और आठ बजट पेश किए हैं।

विदिशा में कृषि विभाग द्वारा भव्य मोटर साइकिल रैली का आयोजन, विधायक मुकेश टंडन ने हरि झंडी दिखाकर रवाना किया

Vidisha: राज्य सरकार द्वारा इस वर्ष 2026 को “कृषक कल्याण वर्ष” के रूप में मनाए जाने के निर्णय के अंतर्गत जिले में जागरूकता गतिविधियों का सिलसिला निरंतर जारी है। प्रदेशभर में वर्षभर 38 प्रकार की गतिविधियों के आयोजन की रूपरेखा तय की गई है। इसी क्रम में कृषकों के सम्मान, विभागीय योजनाओं की जानकारी अंतिम किसान तक पहुँचाने तथा जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आज शनिवार 31  को विदिशा में कृषि विभाग द्वारा भव्य मोटर साइकिल रैली का आयोजन किया गया।


रैली को रवीन्द्रनाथ टैगोर भवन से विदिशा विधायक श्री मुकेश टंडन, जिला पंचायत के कृषि सभापति  श्री धनराज सिंह दांगी (अन्नू), विदिशा जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री वीर सिंह रघुवंशी (कक्का) एवं एसडीएम श्री क्षितिज शर्मा द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। रैली दोपहर 12 बजे प्रारंभ होकर अहमदपुर चौराहा, पीतलमील चौराहा, ओवर ब्रिज, खरी फाटक रोड, कांच मंदिर, तिलक चौक, एम.एल.बी. कन्या हायर सेकेंडरी स्कूल, डंडापुरा, गुलाब वाटिका, न्यू बस स्टैंड, नीमताल होते हुए पुनः ओवर ब्रिज के रास्ते रवीन्द्रनाथ टैगोर भवन पहुंची, जहाँ दोपहर 1:30 बजे इसका समापन हुआ।


रैली में लगभग 150 मोटर साइकिलों पर विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों के साथ बड़ी संख्या में कृषक एवं व्यापारी शामिल हुए। रैली के अग्रभाग में कृषि रथ चल रहा था तथा डीजे पर देशभक्ति गीतों के साथ कृषि योजनाओं के प्रचार-प्रसार संबंधी नारों की तख्तियां लगाई गई थीं। प्रमुख नारों में “संतुलित खाद अपनाएं, मिट्टी की जांच कराएं”, “पराली नहीं, अब खाद बनेगी—धरती मां की किस्मत जगेगी”, “बूंद-बूंद से करो सिंचाई, इसमें है किसान की भलाई”, “लंबी कतारों से खुद को बचाएंगे, ई-टोकन अपनाएंगे” जैसे संदेश शामिल थे।


कार्यक्रम में कृषि विभाग एवं संबद्ध विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें प्रभारी उप संचालक कृषि श्री महेन्द्र कुमार ठाकुर, जिला विपणन अधिकारी श्रीमती राखी रघुवंशी, एसआरएलएम परियोजना प्रबंधक श्री संजय चौरसिया, सचिव कृषि उपज मंडी श्रीमती नीलकमल वैद्य, प्रबंधक एमपी एग्रो श्री मनोहन उइके, जिला सलाहकार डॉ. डी.के. तिवारी, सहायक कृषि यंत्री श्री राहुल खातरकर, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री विशाल यादव सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल रहे।


इस रैली के माध्यम से किसानों को शासन की योजनाओं, आधुनिक कृषि तकनीकों एवं संसाधनों के उपयोग के प्रति जागरूक करने का संदेश प्रभावी रूप से प्रसारित किया।

सीहोर कलेक्ट्रेट के NIC कक्ष से वीसी में शामिल हुए कलेक्टर-एसपी सहित अन्य अधिकारी, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिए निर्देश

SEHORE: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जो हम सबके अन्नदाता हैं, उनके दुख-दर्द की चिंता करना हमारा कर्तव्य है। किसानों का समग्र कल्याण राज्य सरकार की प्राथमिकता है। यह सरकार के लिए एक मिशन है। सरकार ने वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष घोषित किया है। किसानों का जीवन संवारने और इनकी बेहतरी के लिए पूर्ण समर्पित भाव से मिशन मोड में कृषक कल्याण वर्ष का बेहद प्रभावकारी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से प्रदेश के सभी कमिश्नर्स-कलेक्टर्स को संबोधित कर रहे थे। सीहोर कलेक्ट्रेट के एनआईसी कक्ष से कलेक्टर श्री बालागुरू के. और एसपी श्री दीपक कुमार शुक्ला सहित अन्य अधिकारी वीसी में शामिल हुए।


मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष के दौरान किसानों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। किसान रथ चलाये जाएं। इनका शुभारंभ स्थानीय सांसद/विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधियों से ही कराएं। उन्होंने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष में किसानों से विभिन्न स्थानों पर को निरंतर संवाद करें। उन्हें ग्रीष्मकालीन मूंग के स्थान पर अधिकाधिक रकबे/मात्रा में मूंगफली और उड़द की फसल लेने के लिए प्रोत्साहित करें। प्राकृतिक एवं जैविक खेती को प्रोत्साहित करें। जलवायु, ऊर्जा एवं सतत् कृषि को बढ़ावा देने के लिए ई-विकास पोर्टल एवं किसानों को संतुलित मात्रा में भी उर्वरकों का उपयोग के लिए जागरूक किया जाए। आकांक्षी जिलों में चल रही प्रधानमंत्री धन-धान्य योजना से अधिकाधिक किसानों को लाभान्वित किया जाए। दलहनी और तिलहनी फसलों का उत्पादन क्षेत्र बढ़ाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार करें।


मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष में कृषि आधारित उद्योगों के विकास के लिए हर जरूरी प्रयास किए जाएं। कृषि से जुड़े विभागों और इस क्षेत्र में प्रगतिशील स्वयं सेवी संगठनों एवं संस्थाओं के साथ मिलकर किसानों के कल्याण के लिए सरकार हर जरूरी कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष मनाने में किसान कल्याण एवं कृषि विकास के नेतृत्व में उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण, पशुपालन एवं डेयरी, मत्स्य पालन, जल संसाधन, सहकारिता, ऊर्जा, राजस्व, वन, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, कुटीर एवं ग्रामोद्योग सहित 15 से अधिक विभाग सक्रिय भूमिका निभायेंगे।


मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी कलेक्टर्स अपने-अपने जिले में पराली/नरवाई जलाने की घटनाओं पर सख्ती से अकुंश लगाएं। अपने-अपने जिले का नरवाई प्रबंधन प्लान बनाएं। खेतों से निकलने वाली पराली/भूसे का समुचित उपयोग होना चाहिए। फसलों के अवशेष से गोबर से कंपोजिट बायोगैस संयंत्रों की स्थापना की जाए। सभी कलेक्टर्स यह तय करें कि किसानों द्वारा खेत से निकली पराली और भूसा निकटतम छोटी-बड़ी गौशालाओं में ही पहुंचाया जाए। इससे गौवंश को लाभ मिलेगा।


मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने सभी कलेक्टर्स से कहा कि वे अपने जिले में दुग्ध उत्पादन में वृद्धि के लिए समन्वित प्रयास करें। पशुपालकों को नस्ल सुधार, पशु पोषण एवं पशु स्वास्थ्य पर ध्यान देने से होने वाले आर्थिक लाभों के बारे में जागरूक करें। मत्स्य बीज उत्पादन के लिए जिला स्तर पर अधिकाधिक मत्स्य प्रक्षेत्र विकसित किए जाएं। हर नगरीय निकाय क्षेत्र में फिश पार्लर स्थापित किए जाएं और यह सुनिश्चित करें कि मछली विक्रेता तय फिश पार्लर/मार्केट में ही मछली बेंचे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के नगरीय निकायों में फिश पार्लर बनाये जायेंगे। इसके लिए पृथक से राशि दी जाएगी।


मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कलेक्टर्स किसानों से लगातार संवाद करते रहें। कृषक कल्याण वर्ष की तय गतिविधियों की नियमित रूप से मॉनिटरिंग करें। रोस्टर तैयार कर कृषि उपज मंडियों का सतत् निरीक्षण करें और कृषि उत्पादों पर विपणन पर विशेष ध्यान देकर इनके मूल्य संवर्धन के लिए पूरी कमर्शियल चेन का निर्माण करें।


मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की दुग्ध उत्पादन क्षमता में वृद्धि के लिए विभाग को नवाचार अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पशुपालकों को दुग्धोत्पादन बढ़ाने के सभी नए-नए तरीके और उपाय बताएं जाएं। प्रमुख सचिव पशुपालन ने बताया कि पशुपालकों के ज्ञान संवर्धन के लिए एक ऐप तैयार किया जा रहा है। यह ऐप पशुपालकों को बताएगा कि दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए किस प्रकार की गाय/भैंस को कैसा आहार खिलाना चाहिए। इससे पशुपालक सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे।


मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर्स को निर्देशित करते हुए कहा कि कृषक कल्याण वर्ष के लिये तय की गई कार्य योजना का फील्ड में बेहतर तरीके से अमल किया जाए। इस अवधि में विशेष अभियान चलाया जाए। छोटे-बड़े कार्यक्रम भी किए जाएं। निचले स्तर पर किसानों से सघन सम्पर्क स्थापित किया जाए। सभी हितग्राहियों का सत्यापन एवं सहयोग भी लिया जाए। नए हितग्राहियों का चयन भी इस दौरान किया जाए। प्रचलित सभी योजनाओं, नीति-नियम एवं निर्देशों का सरलीकरण एवं सुधार की कार्यवाही की जाए। विभाग या संस्था की जरूरत के अनुसार नई योजना या कार्यक्रम भी इस दौरान प्रारंभ किए जाएं। विभिन्न प्रकार की नवाचारी गतिविधियां भी की जाएं। कृषि सेक्टर के विकास के लिए नए वित्तीय स्त्रोतों जैसे पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी), पुनर्घत्वीकरण एवं कार्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर फंड) का उपयोग भी किया जाए। केन्द्र सरकार की किसान हितैषी योजनाओं से अनुदान या मंजूरी पाने के लिए भी कृषक कल्याण वर्ष में विशेष प्रयास किए जाएं।


मुख्यमंत्री ने कृषक कल्याण वर्ष में होने वाली मासिक गतिविधियों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि फरवरी के पहले सप्ताह में डिंडोरी जिले में कोदो-कुटकी का बोनस वितरण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। प्रदेश के 16 से अधिक जिलों में कोदो-कुटकी उत्पादन होता है। वर्ष 2025 में 2800 टन कोदो-कुटकी की शासकीय खरीदी की गई है। दूसरे सप्ताह में गुलाब महोत्सव आयोजित होगा। तीसरे सप्ताह में शत-प्रतिशत किसानों के आईडी पंजीयन तथा किसान उन्मुखी योजनाओं के एग्रीस्टैक से एकीकरण के लिए निमाड़ क्षेत्र के किसी जिले में राज्यस्तरीय एग्रीस्टैक एवं डिजिटल कृषि प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। इसी तरह इस माह के अंतिम सप्ताह में कृषि मंथन के नाम से अलग-अलग जिलों में दो बड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मार्च में राज्यस्तरीय सहकारिता सम्मेलन के जरिए किसानों को नये कृषि ऋण देने के अलावा कृषक न्याय मित्र योजना के अंतर्गत लाभान्वित किया जाएगा। इस सम्मेलन से जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों के जरिए किसानों को डोर स्टेप बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने की शुरुआत भी की जाएगी।


वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव श्री अशोक बर्णवाल, प्रमुख सचिव श्री उमाकांत उमराव, प्रमुख सचिव श्री डी.पी. आहूजा, सचिव कृषि श्री निशांत वरवड़े, सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय श्री आलोक कुमार सिंह, आयुक्त जनसम्पर्क श्री दीपक कुमार सक्सेना सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

सांची विधायक डॉ चौधरी ने खेल स्टेडियम पहुंचकर सांसद खेल महोत्सव के समारोह समापन की तैयारियों की समीक्षा, अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर रवीन्द्र जडेजा मुख्य अतिथि के रूप में होंगे सम्मिलित

रायसेन स्थित खेल स्टेडियम में आगामी 02 फरवरी को सांसद खेल महोत्सव अंतर्गत लोकसभा स्तर का फाइनल, समापन कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। जिसमें केन्द्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री तथा विदिशा सांसद श्री शिवराज सिंह चौहान एवं अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर रवीन्द्र जडेजा मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित होंगे।


शुक्रवार को सांची विधायक डॉ प्रभुराम चौधरी द्वारा खेल स्टेडियम पहुंचकर सांसद खेल महोत्सव के समापन कार्यक्रम की तैयारियों का विस्तृत जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि आयोजन की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली जाएं तथा आयोजन भव्य और गरिमामय हो।


इस दौरान आयोजित बैठक में विधायक डॉ चौधरी ने मुख्य अतिथियों और अतिथियों के कार्यक्रम स्थल पर आगमन, बैठक व्यवस्था, दर्शकों के आगमन और बैठक व्यवस्था, खेल आयोजन, दर्शक दीर्घा, सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति, विजेताओं को पुरस्कार वितरण सहित अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर पर अपर कलेक्टर श्री मनोज उपाध्याय, श्री राकेश शर्मा, एसडीएम रायसेन श्री मनीष शर्मा, जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी भी जलज चतुर्वेदी सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

Saturday, January 31, 2026

पैट शो सीजन 2 (Dog show and cat show) का आयोजन 11 फरवरी को

पशुपालन एवं डेयरी विभाग राजगढ द्वारा जिले में पशुपालन एवं पशु कल्याण जागरूकता माह 13 फरवरी 2026 तक मनाया जाएगा। जिसमें पिछले वर्ष की भांति एवं पशुपालकों की रूचि अनुसार पुनः पैट शो सीजन 2 (Dog show and cat show) का आयोजन 11 फरवरी, 2026 को प्रातः 10 बजे से जिला पशु चिकित्सालय परिसरमें किया जाएगा।


जिसमें डॉग एवं कैट की समस्त प्रकार की प्रजातियों की अलग अलग कैटेगरी में प्रतिस्पर्धा आयोजित की जाएगी एवं प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरूस्कार वितरण किया जाएगा। आयोजन में पशु चिकित्सा शिविर, विभिन्न विभागीय योजनाओं का प्रचार प्रसार, पशुक्रूरता निवारण एवं नियमों का प्रचार प्रसार एवं अन्य गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी।


इसी के अंतर्गत पशुपालन विभाग द्वारा शासकीय उत्‍कृष्‍ट विद्यालय में छात्रों के साथ युवा संवाद का आयोजन किया गया। कार्यकम में पशुपालन विभाग द्वारा शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों में निबंध प्रतियोगिता एवं चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें चित्रकला प्रदर्शन एवं पुरूस्कार वितरण भी पैट शो में आमंत्रित अथितियों के द्वारा छात्र छात्राओं को किया जाएगा। डॉग/कैट शो में भाग लेने हेतु सभी पशुपालक शीघ्र ही रजिस्ट्रेशन एवं पूर्ण जानकारी हेतु पशु चिकित्सा संस्था में संपर्क कर सकते हैं।

Vidisha news: 33 महिला प्रशिक्षणार्थियों ने आईआईबीएफ परीक्षा उत्तीर्ण की

आरसेटी विदिशा में  बैंक सखी प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ है। कार्यक्रम के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं ने आईआईबीएफ (Indian Institute of Banking & Finance) की परीक्षा दी, जिसमें 33 प्रशिक्षणार्थियों ने सफलतापूर्वक उत्तीर्ण होकर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की।


आरसेठी के डायरेक्टर श्री एफसी महली ने बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं को बैंकिंग सेवाओं, वित्तीय साक्षरता, डिजिटल लेन-देन तथा ग्राहक सेवा संबंधी कौशलों में दक्ष बनाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था, जिससे वे अपने-अपने क्षेत्रों में बैंक सखी के रूप में कार्य कर ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ सकें।


प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन श्री एफ.सी. महली, डायरेक्टर आरसेटी, श्री मोहर सिंह भदौरिया, डीएम स्किल (आजीविका मिशन) तथा संस्थान के संकाय सदस्यों के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। अधिकारियों ने सफल प्रशिक्षणार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पहल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण क्षेत्रों में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

Bhopal news: ODOP जरी-ज़र्दोज़ी हेतु विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न

BHOPAL: भोपाल जिले के प्रमुख ODOP उत्पाद जरी-ज़र्दोज़ी को निर्यात एवं बाजार विस्तार की दिशा में सशक्त बनाने हेतु बुधवार को ODOP जरी-ज़र्दोज़ी केंद्र, गोलखेड़ी, भोपाल में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण, हाल ही में सम्पन्न ODOP एवं Export Awareness Workshop के अगले चरण के रूप में आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य जरी-ज़र्दोज़ी कारीगरों एवं उद्यमियों को व्यावहारिक रूप से उद्योग-तैयार बनाना तथा उन्हें आधुनिक व्यापार एवं बाजार आवश्यकताओं से जोड़ना था।


कार्यक्रम मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम (MPIDC) के International Trade & Investment Facilitation Cell (ITIFC) तथा भोपाल जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कारीगरों, SHGs, MSME इकाइयों एवं स्थानीय उद्यमियों ने ऑफलाइन सहभागिता दर्ज कराई। जो प्रतिभागी किसी कारणवश उपस्थित नहीं हो पाए, उन्होंने इस प्रशिक्षण को ऑनलाइन माध्यम से भी सक्रिय रूप से जॉइन किया, जिससे कार्यक्रम की पहुँच और प्रभाव दोनों व्यापक हुए। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण किया कार्यक्रम की विशेष उपलब्धि यह रही कि सभी प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफलतापूर्वक पूर्ण किया।


प्रशिक्षण के दौरान जरी-ज़र्दोज़ी कारीगरों एवं उद्यमियों को डिजिटल व्यापार प्रणाली, ऑनलाइन मार्केटिंग एवं आधुनिक बाजार आवश्यकताओं की व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई। साथ ही सत्र के दौरान लाइव रूप से कई प्रतिभागियों को डिजिटल मार्केट प्लेटफॉर्म पर ऑनबोर्ड भी किया गया, जिससे वे अपने उत्पादों को व्यापक बाजार तक पहुँचाने तथा "Local to Global" की दिशा में आगे बढ़ने के लिए सक्षम हो सकें।


कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों द्वारा यह विशेष रूप से रेखांकित किया गया कि भोपाल की जरी-ज़र्दोज़ी कला एक विशिष्ट पारंपरिक हस्तशिल्प है, जिसमें डिजिटल बाजार के माध्यम से व्यापक संभावनाएँ निहित हैं।


प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को विशेष रूप से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपने उत्पादों को प्रस्तुत करने, ऑनलाइन बाजार से जुड़ने तथा आधुनिक मार्केटिंग प्रक्रियाओं की व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई। साथ ही कई कारीगरों एवं उद्यमियों को प्रशिक्षण सत्र के दौरान डिजिटल मार्केटप्लेस पर लाइव ऑनबोर्ड भी किया गया, जिससे वे अपने उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुँचाने की दिशा में आगे बढ़ सकें।


कार्यक्रम के अंत में संवादात्मक प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित हुआ, जिसमें कारीगरों ने डिजिटल बिक्री, लागत, पैकेजिंग एवं वित्तीय प्रक्रियाओं से जुड़े प्रश्न पूछे तथा विशेषज्ञों द्वारा सभी प्रश्नों के व्यवहारिक समाधान प्रस्तुत किए गए। जिला प्रशासन एवं MPIDC ने आशा व्यक्त की कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम जरी-ज़र्दोज़ी कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाकर "Local to Global" की दिशा में सशक्त आधार प्रदान करेंगे तथा उन्हें नए बाजार और नए अवसरों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।

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