Sunday, March 8, 2026

'क्वींस आन द व्हील्स' को सीएम ने दिखाई हरी झंडी, 1400 किमी की बाइक यात्रा पर निकलीं 25 महिला राइडर्स

सीएम डॉ. मोहन यादव ने महिला बाइक रैली को झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली 1400 किलोमीटर की यात्रा तय करेगी। रैली में शामिल महिलाएं प्रदेश के पर्यटन स्थलों के बारे में लोगों को बताएंगी। मुंबई की 62 साल की नीता खांडेकर की अगुवाई में रैली 13 मार्च को भोपाल में समाप्त होगी।

भोपाल। प्रदेश के समृद्ध व ऐतिहासिक पर्यटन गंतव्यों को देश-दुनिया में प्रचारित करने के उद्देश्य से 25 महिला सुपर बाइकर्स प्रदेश की यात्रा पर निकली हैं। शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री निवास से 'क्वींस ऑन द व्हील्स' के तीसरे संस्करण को फ्लैग ऑफ किया। पिछले दो संस्करण की सफलता के बाद, महिला सशक्तिकरण, स्वतंत्रता एवं विरासत का यह 7 दिवसीय आयोजन भोपाल से खजुराहो तक लगभग 1,400 किलोमीटर लंबी बाइक ट्रेल को पूरा करेगा।    


विश्व महिला दिवस पर मप्र की धरती से महिला साहस औरआत्मविश्वास की एक अनोखी मिसाल देखने को मिली।  मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित महिला बाइकिंग इवेंट 'क्वीन्स ऑन द व्हील' के तृतीय संस्करण का शुभारंभ शनिवार को मुख्यमंत्री निवास से किया गया। सुबह 10 बजे मुख्यमंत्री ने इस रैली को फ्लैग-ऑफ कर रवाना किया। इस बाइक रैली में देशभर से आई 25 महिला बाइक राइडर्स मध्य प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों को एक्सप्लोर करते हुए करीब 1400 किलोमीटर का रोमांचक सफर तय करेंगी। इस रैली में भोपाल, नागपुर, मुंबई, पुणे, संभाजीनगर, पश्चिम बंगाल और दिल्ली सहित कई शहरों की महिला राइडर्स शामिल हुई हैं। इस मौके पर सीएम ने कहा कि यह टूर मात्र बाइक रैली नहीं बल्कि नारी सशक्तिकरण, साहस और पर्यटन के माध्यम से मप्र की पहचान को दुनिया तक पहुंचाने का एक अनूठा अभियान है। यह यात्रा प्रदेश के पर्यटन के साथ महिला सुरक्षा की एक मिसाल है, यह बदलते समाज की तस्वीर है। देश के साथ म.प्र. निरंतर आगे बढ़ रहा है और पूरी तरह से सुरक्षित भी है। उन्होंने कहा कि म.प्र. में महिला सुरक्षा की गारंटी के रूप में यह टूर प्रारंभ किया जा रहा है।


यह आयोजन मप्र पर्यटन विकास निगम की पहल पर किया गया। पिछले दो संस्करण की सफलता के बाद, महिला सशक्तीकरण, स्वतंत्रता एवं विरासत का यह सात दिवसीय आयोजन भोपाल से खजुराहों तक 1,400 किमी बाइक यात्रा को पूरा करेगा। एमपी टूरिज्म बोर्ड की पहल क्वींस आन द व्हील्स केवल एक बाइक राइड नहीं, बल्कि महिला सशक्तीकरण, साहस और मध्य प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक एवं पर्यटन धरोहर का उत्सव है। भोपाल से शुरू होकर यह सात दिन की यात्रा सांची, उदयगिरि, चंदेरी, शिवपुरी, कूनो, ग्वालियर, दतिया, ओरछा और खजुराहो से होते वापस भोपाल में 13 मार्च को समाप्त होगी।


पर्यटन स्थलों का अनुभव करेंगी 

राइड में देश के कई राज्यों की 25 राइडर्स शामिल हुई हैं। मध्य प्रदेश टूरिच्म बोर्ड के एमडी डॉ. इलैया राजा टी ने बताया कि एमपी दूरिच्म बोर्ड की यह पहल केवल एक बाइक राइड नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण, साहस और मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक एवं पर्यटन धरोहर का उत्सव है। मध्यप्रदेश दूरिच्म बोर्ड का उद्देश्य ऐसे नवाचारपूर्ण आयोजनों के माध्यम से प्रदेश को एक सुरक्षित, रोमांचक और विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करना है।


13 मार्च को भोपाल में होगा समापन

भोपाल से शुरू होकर यह 7 दिन की यात्रा सांची, उदयगिरि, चंदेरी, शिवपुरी, कूनो, ग्वालियर, दतिया, ओरछा और खजुराहो से होते वापस भोपाल में 13 मार्च को समाप्त होगी।


ये राइडर्स शामिल

महाराष्ट्र की कविता जाधव, डॉ. प्रियंका, हेतल उपाध्याय, रुकमणी, माधुरी नायक, मधु हेलचेल, कल्याणी पोटकर, डॉ. नीता, तनुप्रिया, रिद्धी, रुचिका मेघे, मैथीली सिंह, एकता खाटे, पल्लवी देशमुख, उत्तरप्रदेश से डॉ. सुमित, मध्यप्रदेश की राज नंदनी, दिव्या रमन, मयूरी सोनी, दीक्षा राकेसिया, उन्नति चौरसिया, सेजल कुशवाहा, महक बाथम, शबनम बानो, सारा खान, कर्नाटक की सोना प्रियदर्शनी, पश्चिम बंगाल की शांति घोस ।                                                        

मैनिट में आठवां जन औषधि दिवस कार्यक्रम का आयोजन, पांच केंद्रों को किया सम्मानित


भोपाल स्थित मैनिट (मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान) में 7 मार्च 2026 को 8वां जन औषधि दिवस उत्साह के साथ मनाया गया। मध्य प्रदेश के सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने इसमें सहभागिता की। इस अवसर पर जनऔषधि केंद्र संचालकों को सम्मानित किया गया और सस्ती जेनेरिक दवाओं के महत्व को रेखांकित किया गया। 


Bhopal: मैनिट परिसर में शनिवार को आठवां जन औषधि दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम में सहकारिता एवं खेल मंत्री विश्वास कैलाश सारंग शामिल हुए। कार्यक्रम में फार्मेसी काउंसिल के अध्यक्ष संजय जैन तथा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन से डा. प्रभाकर तिवारी मौजूद थे। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री जन औषधि परियोजना के महत्व पर प्रकाश डाला गया। देशभर में 18 हजार से अधिक जन औषधि केंद्र संचालित हो रहे हैं, जहां बाजार मूल्य से काफी कम कीमत पर गुणवत्तापूर्ण दवाइयां और अन्य स्वास्थ्य सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है।


आम नागरिकों के बीच इस योजना को लोकप्रिय बनाने के उद्देश्य से हर वर्ष सात मार्च को जन औषधि दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर मध्यप्रदेश के पांच उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जन औषधि केंद्रों को सम्मानित किया गया। विश्वास सारंग ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में संचालित PM भारतीय जन औषधि परियोजना के माध्यम से देशभर में जरूरतमंद नागरिकों को किफायती दरों पर गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाएँ उपलब्ध हो रही हैं। यह योजना आम लोगों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाइयां उपलब्ध कराकर स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ बना रही है।


अतिथियों ने योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार और जनजागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, स्वास्थ्य विशेषज्ञ और नागरिक उपस्थित थे। 

Women's day 2026 special: 30 की उम्र के महिलाएं रहें सावधान हो सकती साइलेंट बोन लॉस की समस्या, इसे नजरअंदाज न करें?

30 की उम्र के बाद कई महिलाओं में साइलेंट बोन लॉस की समस्या शुरू हो सकती है, जिसे ऑस्टियोपोरोसिस भी कहा जाता है। यह बीमारी शुरुआती दौर में बिना लक्षण के बढ़ती है। सही डाइट, नियमित एक्सरसाइज और समय पर जांच से हड्डियों को मजबूत और स्वस्थ रखा जा सकता है।


अक्सर महिलाएं अपनी फैमिली की हेल्थ का ध्यान रखती हैं, लेकिन अपनी सेहत को नजरअंदाज कर देती हैं। बढ़ती उम्र के साथ महिलाओं को कई सारी समस्याएं होने लगती 30 की उम्र के बाद अधिकतर महिलाओं में साइलेंट बोन लॉस की समस्या शुरू हो जाती है।


क्या होती है साइलेंट बोन लॉस समस्या?

साइलेंट बोन लॉस, जिसे चिकित्सकीय भाषा में ऑस्टियोपोरोसिस (Osteoporosis) कहा जाता है, हड्डियों की एक ऐसी बीमारी है जिसमें हड्डियां धीरे-धीरे कमजोर और खोखली होती जाती हैं। इसे 'साइलेंट' या 'मौन' इसलिए कहा जाता है क्योंकि शुरुआती अवस्था में इसके कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होते और अक्सर इसका पता तब चलता है जब मामूली चोट या गिरने से हड्डी टूट (फ्रैक्चर) जाती है।


साइलेंट बोन लॉस समस्या के मुख्य कारण और जोखिम कारक

  • कैल्शियम और विटामिन D की कमी: आहार में इन पोषक तत्वों की कमी हड्डियों के घनत्व को कम कर देती है।
  • उम्र और जेंडर: 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों और विशेषकर पोस्टमेनोपॉजल महिलाओं (30 की उम्र के बाद भी जोखिम शुरू हो सकता है) में यह समस्या अधिक देखी जाती है।
  • जीवनशैली: शारीरिक सक्रियता की कमी, धूम्रपान, शराब का अधिक सेवन और खराब खान-पान।
  • दवाएं और बीमारियां: स्टेरॉयड का लंबे समय तक उपयोग, थायराइड की समस्या, और डायबिटीज जैसी स्थितियां।


महिलाओं में कब से शुरू होती है साइलेंट बोन लॉस की समस्या

एक्सपर्ट के अनुसार, कई महिलाओं में 30 की उम्र के बाद धीरे-धीरे हड्डियों की डेंसिटी कम होने लगती है। इस स्थिति को ऑस्टियोपोरोसिस कहा जाता है। इसके अलावा इसे साइलेंट डिजीज भी कहा जाता है, क्योंकि इसके लक्षण शुरुआती दौर में दिखाई नहीं देते है। कई बार इसका पता तब चलता है जब हड्डी में फ्रैक्चर हो जाता है या हड्डियां बहुत कमजोर हो जाती हैं।


30 की उम्र में हड्डियां कमजोर होने के कारण 

30 की उम्र के बाद महिलाओं की हड्डियां वीक होने लगती है और ऐसा होने के कई कारण होते हैं। लेकिन सबसे बड़ा कारण महिलाओं में होने वाला हार्मोनल बदलाव है। खासकर महिलाओं में एस्ट्रोजन हार्मोन कम होना, यह हार्मोन हड्डियों की मजबूती बनाए रखने में खास रोल निभाता है। इसके अलावा कुछ लाइफस्टाइल फैक्टर्स भी हड्डियों के नुकसान को बढ़ा सकते हैं, जैसे: 


कैल्शियम और विटामिन D की कमी

  • ज्यादा समय तक बैठे रहना या फिजिकल एक्टिविटी कम होना
  • धूम्रपान और ज्यादा शराब का सेवन
  • परिवार में ऑस्टियोपोरोसिस की हिस्ट्री
  • बहुत कम बॉडी वेट या लो BMI


कब पता चलता है इसके बारे में?

यह सभी समस्या धीरे-धीरे और बिना लक्षण के बढ़ती है, इसलिए कई महिलाओं को इसके बारे में तब पता चलता है जब उनकी हड्डिय बहुत कमजोर हो चुकी होती हैं।


समय रहते करवाएं हड्डियों की जांच

डॉक्टरों के मुताबिक, हड्डियों की स्थिति जानने के लिए DEXA स्कैन करवाना काफी मदद कर सकता है। यह टेस्ट हड्डियों की घनत्व को मापता है और शुरुआती स्टेज में ऑस्टियोपोरोसिस का पता लगाने में मदद करता है।


हड्डियों को मजबूत रखने के लिए अपनाएं ये टिप्स

कैल्शियम और विटामिन D से भरपूर डाइट लें- डाइट में दूध, दही, पनीर, हरी पत्तेदार सब्जियां, नट्स, फोर्टिफाइड फूड और फैटी फिश शामिल करें। क्योंकि हड्डियों की मजबूती के लिए कैल्शियम और विटामिन डी बेहद जरूरी हैं। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट भी ले सकते हैं। 


नियमित एक्सरसाइज करें

स्ट्रेंथ ट्रेनिंग और वेट-बेयरिंग एक्सरसाइज हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करती हैं। इसलिए रोजाना वॉक, योग, जॉगिंग या हल्की वेट ट्रेनिंग करें, इससे काफी फायदा मिल सकता है।


लिमिट में शराब और कैफीन लें

अधिक मात्रा में शराब और कैफीन लेने से शरीर में कैल्शियम का अवशोषण प्रभावित हो सकता है। इसलिए इनका सेवन सीमित मात्रा में करें।


धूम्रपान से दूरी बनाएं

स्मोकिंग हड्डियों को कमजोर करती है और ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ा सकती है। इसलिए धूम्रपान छोड़ना हड्डियों की सेहत के लिए जरूरी है।


स्ट्रेस को कंट्रोल करें

लंबे समय तक रहने वाला स्ट्रेस भी आपकी हड्डियों पर असर डाल सकता है, इसलिए जितना हो स्ट्रेस को खुद से दूर रखे। तनाव कम करने के लिए नियमित योग, मेडिटेशन और माइंडफुलनेस तकनीक अपनाएं। 


शुरुआती चेतावनी के संकेत (जिन्हें नजरअंदाज न करें)

  • यद्यपि यह साइलेंट है, लेकिन कुछ संकेत हड्डियों की कमजोरी की ओर इशारा कर सकते हैं:
  • पीठ या कमर में लगातार रहने वाला दर्द।
  • ऊंचाई (लंबाई) में कमी महसूस होना या शरीर का आगे की ओर झुकना (stooped posture)।
  • पकड़ (grip strength) का कमजोर होना।
  • मसूड़ों का पीछे हटना (हड्डियों के क्षय का संकेत)।

GDS Result 2026 Updates: जीडीएस भर्ती की स्टेट-वाइज मेरिट लिस्ट जारी, जानें कब होगा फाइनल अपॉइंटमेंट लेटर जारी?

इंडिया पोस्ट जीडीएस भर्ती की पहली मेरिट लिस्ट आज जारी कर दी गई है।  इंडिया पोस्ट की वेबसाइट पर जाकर आप ये लिस्ट चेक कर सकते हैं। 


इंडिया पोस्ट जीडीएस भर्ती की पहली मेरिट लिस्ट जारी कर दी गई है। इंडिया पोस्ट की वेबसाइट पर लिस्ट जारी की गई है। जिन भी उम्मीदवारों ने इस भर्ती के लिए आवेदन किया है वो इंडिया पोस्ट की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर मेरिट लिस्ट चेक कर सकते हैं। होमपेज पर कैंडिडेट कॉर्नर सेक्शन पर जाकर स्टेट-वाइज मेरिट लिस्ट दिखेगी। जिसे डाउनलोड कर लें। इस मेरिट लिस्ट में शॉर्टलिस्टेड कैंडिडेट्स के नाम हैं। बता दें कि इंडिया पोस्ट ग्रामीण डाक सेवक (GDS) भर्ती के लिए लाखों कैंडिडेट्स ने अप्लाई किया था। ये सभी रिजल्ट अनाउंसमेंट का इंतजार कर रहे हैं। वहीं आज मेरिट लिस्ट ऑफिशियल वेबसाइट पर पब्लिश कर दी गई है।


क्या है (Gramin Dak Sevak) वेरिफिकेशन प्रोसेस

मेरिट लिस्ट में ये भी बताया गया है कि दस्तावेज वेरिफिकेशन प्रोसेस के लिए राज्य की किस डिवीजन में जाना होगा। शॉर्टलिस्ट किए गए कैंडिडेट्स को वेरिफिकेशन के लिए सभी ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स की ओरिजिनल और सेल्फ अटेस्टेड फोटोकॉपी के दो सेट के लेकर जाने होंगे।


Gramin Dak Sevak: वेरिफिकेशन प्रोसेस के दौरान जरूरी दस्तावेज

  • क्लास 10 की मार्कशीट
  • आइडेंटिटी प्रूफ
  • जाति सर्टिफिकेट (अगर लागू हो)
  • रेसिडेंस सर्टिफिकेट


मेडिकल एग्जामिनेशन के बाद जारी होगी फाइनल मेरिट लिस्ट

डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद, इंडिया पोस्ट GDS पोस्ट के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए कैंडिडेट्स को मेडिकल एग्जामिनेशन के लिए बुलाया जाएगा। फाइनल अपॉइंटमेंट लेटर तभी जारी किया जाएगा जब कैंडिडेट्स वेरिफिकेशन और मेडिकल चेक दोनों को सफलतापूर्वक पास कर लेंगे।


Gramin Dak Sevak: फाइनल अपॉइंटमेंट लेटर कब होगा जारी?

सफल डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के बाद, कैंडिडेट्स का मेडिकल एग्जामिनेशन होगा, जिसके बाद फाइनल अपॉइंटमेंट लेटर जारी किया जाएगा।


India Post GDS 2026: अपने साथ ले जाने होंगे ये ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स

इंडिया पोस्ट GDS मेरिट लिस्ट में शॉर्टलिस्ट किए गए कैंडिडेट्स को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए जाना होगा। अपने साथ ओरिजिनल डॉक्यूमेंट्स के साथ दो सेट फोटोकॉपी ले जानी होंगी। ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स में क्लास 10 की मार्कशीट, आइडेंटिटी प्रूफ, रेजिडेंस सर्टिफिकेट और जाति सर्टिफिकेट शामिल हैं।


Gramin Dak Sevak: कितने पदों पर होनी है भर्ती

भारतीय डाक विभाग की और से  इस भर्ती प्रक्रिया के तहत 28636 ग्रामीण डाक सेवक के पदों को भरा जाएगा। ये भर्ती पूरे देश के लिए निकाली गई है।


GDS Result: दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया में होना होगा शामिल

जिन उम्मीदवारों के नाम पहली मेरिट लिस्ट में है। उन्हें अगले चरण के लिए बुलाया जाएगा जो कि दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया है। ये प्रक्रिया 23 मार्च, 2026 से पहले पूरी कर ली जाएगी। 


Gramin Dak Sevak: लिखित परीक्षा या इंटरव्यू  के बिना हुआ चयन

ये भर्ती बिना परीक्षा या इंटरव्यू के हुई थी। उम्मीदवारों का चयन 10वीं कक्षा के अंकों के आधार पर किया गया है। ये एक ऑटो-जेनरेटेड मेरिट लिस्ट है।


Gramin Dak Sevak: मेरिट लिस्ट में नाम नहीं आने पर भी रहेगा नौकरी का चांस

अगर पहली मेरिट लिस्ट में आपका नाम नहीं आया है तो परेशान न हों। क्योंकि India Post GDS की दूसरी लिस्ट में जारी कर सकता है। जिसमें आपका नाम आने की उम्मीद हो सकती है।



India Post Gramin Dak Sevak (GDS) Result 2026 out: जीडीएस भर्ती की पहली मेरिट लिस्ट जारी, यहां से तुरंत करें चेक

इंडिया पोस्ट ने ग्रामीण डाक सेवक (GDS) भर्ती 2026 के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे उम्मीदवारों का इंतजार खत्म हुआ। विभाग द्वारा पहली मेरिट लिस्ट आधिकारिक तौर पर जारी कर दी गई है। खास बात यह है कि यह सेलेक्शन पूरी तरह से बिना किसी परीक्षा के, केवल 10वीं के अंकों (Merit-Based) के आधार पर किया गया है। ऐसे में आइए जानते हैं स्टेप बाय स्टेप आपको जीडीएस का रिजल्ट  https://indiapostgdsonline.gov.in/  पर चेक कर सकते है।


India Post GDS Merit list: कैसे बनाई गई मेरिट लिस्ट

मेरिट लिस्ट को उम्मीदवारों के 10वीं कक्षा के अंकों के आधार पर तैयार किया गया है।

Thursday, March 5, 2026

मध्यप्रदेश पुलिस का शानदार प्रदर्शन, 06 पदक जीते: 44वीं अखिल भारतीय पुलिस घुड़सवारी प्रतियोगिता, डीजीपी श्री कैलाश मकवाणा ने विजेताओं को किया सम्मानित

मध्यप्रदेश पुलिस के घुड़सवारी दल ने 44वीं अखिल भारतीय पुलिस घुड़सवारी प्रतियोगिता एवं माउंटेड पुलिस ड्यूटी मीट में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कुल 06 पदक (02 स्वर्ण , 02 रजत एवं 02 कांस्य) अर्जित कर मध्यप्रदेश पुलिस का गौरव बढ़ाया है। यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता 15 से 27 फरवरी 2026 तक सीमा सुरक्षा बल अकादमी, टेकनपुर में आयोजित की गई थी, जिसमें देशभर की पुलिस एवं अर्द्धसैनिक बलों की 21 टीमों, 345 अश्वों और लगभग 700 राइडर्स ने भाग लिया।


इस उपलब्धि पर पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा ने विजेता खिलाड़ियों को पुलिस मुख्‍यालय भोपाल में मेडल पहना कर एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने टीम के जांबाज घुड़सवारों की सराहना करते हुए कहा कि यह सफलता न केवल टीम की कड़ी मेहनत और अनुशासन का परिणाम है, बल्कि यह मध्यप्रदेश पुलिस की पेशेवर दक्षता और उत्कृष्ट प्रशिक्षण व्यवस्था का प्रमाण भी है।पुलिस महानिदेशक श्री मकवाणा ने सभी प्रतिभागियों को उचित इनाम देने की घोषणा की तथा भविष्य में और अधिक उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु निरंतर अभ्यास एवं उच्च स्तरीय प्रशिक्षण पर बल दिया।


प्रतियोगिता के अंतर्गत ‘सईस टेस्ट’ में उत्कृष्ट अश्व प्रबंधन का प्रदर्शन करते हुए श्री घनश्याम प्रजापति ने स्वर्ण पदक अर्जित किया। टीम के प्रमुख राइडर आरक्षक श्री फराज खान ने अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय देते हुए क्रॉस कंट्री स्पर्धा में स्वर्ण पदक प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने पुलिस हॉर्स टेस्ट एवं क्रॉस कंट्री में दो रजत पदक तथा मेंटल हेजार्ड एवं शो जंपिंगग्रेड-03 स्पर्धाओं में दो कांस्य पदक हासिल किए। शो जंपिंग प्री प्रिलिमिनरी स्पर्धा में भी उन्होंने चौथा स्थान प्राप्त कर मध्‍यप्रदेश पुलिस का मान बढ़ाया।


पुलिस मुख्‍यालय में आयोजित सम्‍मान समारोह में राज्य की माउंटेड पुलिस इकाई को और अधिक पेशेवर बनाने, आधुनिक प्रशिक्षण एवं कोचिंग मॉडल अपनाने तथा उच्च नस्ल के स्पोर्ट्स ब्रीड अश्वों की संख्या में वृद्धि करने की रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया गया, ताकि आगामी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में मध्य प्रदेश पुलिस और अधिक पदक अर्जित कर सके।


इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एसएएफ श्री चंचल शेखर, पुलिस महानिरीक्षक एसएएफ इंदौर रेंज श्री चंद्रशेखर सोलंकी, पुलिस महानिरीक्षक एसएएफ श्री इरशाद वली, डीआईजी आरएपीटीसी श्री धर्मेन्‍द्र सिंह भदौरिया, कमांडेंट 15वीं वाहिनी श्रीमती हितिका वासल, पर्यवेक्षक अधिकारी उप सेनानी श्रीमती प्राची द्विवेदी सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

होमोसिस्टीन क्यों बन रहा जानलेवा, अब सतर्क होना जरूरी

सीने में दर्द होने पर  39 वर्षीय मरीज निजी अस्पताल पहुंचा। ईसीजी और शुरुआती जांच सामान्य रहीं, लेकिन विस्तृत जांच में हार्ट की मांसपेशियों की कार्यक्षमता कमजोर और होमोसिस्टीन का स्तर काफी बढ़ा हुआ मिला। डॉक्टरों के अनुसार, इसी कारण धमनियों में थक्का बना और सीने में दर्द हुआ। इसी तरह 46 वर्षीय एक अन्य मरीज में भी हार्ट अटैक के बाद यही स्थिति पाई गई।

हर 10 में 8 मरीज विटामिन की कमी के शिकार

सरकारी और निजी अस्पतालों की कार्डियोलॉजी ओपीडी में आने वाले मरीजों की रिपोर्ट चौकाने वाली है। यहां हर 10 में से 8 मरीजों में विटामिन डी और बी12 की कमी पाई जा रही है। यही कमी होमोसिस्टीन बढ़ाकर दिल, दिमाग और अन्य अंगों को नुकसान पहुंचा रही है।

फिर विटामिन D और B12 की चर्चा क्यों जरूरी? 

चिकित्सकीय अध्ययनों में यह बार-बार सामने आया है कि विटामिन-डी की कमी हृदय की मांसपेशियों की कार्यक्षमता घटाती है। अतालता (अरिथिमिया) का जोखिम बढ़ाती है। होमोसिस्टीन बढ़ाती है। इससे धमनियों को नुकसान और अचानक हृदयघात का खतरा बढ़ता है।

यह अलार्म है, अब सतर्क होना जरूरी 

एक प्रसिद्ध अस्पताल के हृदय रोग डॉक्टर के अनुसार, 70 से 80% मरीजों में विटामिन D व B12 का स्तर सामान्य से काफी कम है। यह समस्या अब बुजुर्गों तक सीमित नहीं, बल्कि 22 से 45 वर्ष के युवाओं में बढ़ रही है।

होमोसिस्टीन क्यों बन रहा जानलेवा

डॉक्टर बताते कि होमोसिस्टीन की सामान्य सीमा से 15 माइक्रोमोल प्रति लीटर होती है। 50 से ऊपर पहुंचना बेहद खतरनाक है। हार्ट अटैक के करीब 60 प्रतिशत मामलों में इसका स्तर बढ़ा हुआ मिलता है।

नॉर्मल टेस्ट भी दे सकते हैं धोखा

डॉक्टर के अनुसार ECG, ECO और ट्रेडमिल टेस्ट तब ब्लॉकेज पकड़ते हैं, जब वह 80 प्रतिशत से अधिक हो। 20-30 प्रतिशत के 'वलनरेबल ब्लॉक' नॉर्मल दिखते हैं, लेकिन अचानक तनाव में फटकर कार्डियक अरेस्ट का कारण बन जाते हैं।

Wednesday, March 4, 2026

बड़वानी डेस्टिनेशन कृषि कैबिनेट, कांग्रेस नेताओं ने उठाए सवाल

Bhopal: बड़वानी जिले के नागलवाड़ी में सोमवार को हुई मोहन सरकार की पहली डेस्टिनेशन कृषि कैबिनेट को लेकर कांग्रेस ने कई सवाल उठाए। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि किसानों को उपज के उचित दाम और खाद-बीज नहीं मिल रहा। किसान की औसत मासिक आय केवल 8,339 है, जो राष्ट्रीय औसत से लगभग दो हजार रुपये कम है। आदिवासी पलायन को मजबूर हैं। प्रदेश में सर्वाधिक अत्याचार आदिवासियों पर ही हो रहे हैं।


प्रदेश कांग्रेस के दोनों वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि सरकार किसानों को केवल वोटबैंक के रूप में देखती है। चुनाव के समय गेहूं, सोयाबीन और धान का समर्थन मूल्य बढ़ाने का वादा किया गया था लेकिन यह घोषणा से अधिक कुछ साबित नहीं हुआ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अमेरिकी दबाव में ट्रेड डील की, जिससे सस्ते कृषि उत्पाद देश में आएंगे और प्रदेश के किसानों को नुकसान होगा। प्राकृतिक आपदाओं, ओलावृष्टि और अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों को फसल बीमा और मुआवजे का भुगतान समय पर नहीं हो रहा है। खाद, बीज, डीजल और बिजली महंगी हो चुकी है, जिससे लागत बढ़ रही है। बड़वानी


की मुख्य फसलें कपास, सोयाबीन, मक्का, केला और पपीता हैं। यदि इनसे जुड़े उद्योग लगाए जाते, तो आदिवासी किसानों को लाभ मिलता लेकिन जिले में कपास उद्योग को लगभग समाप्त किया गया। अत्याधिक मंडी टैक्स और अन्य कारणों से व्यापार महाराष्ट्र और गुजरात चला गया। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ सीजन 2025 में बड़वानी जिले के 30,324 किसानों ने नामांकन किया और कंपनियों को लगभग 52 करोड़ रुपये प्रीमियम मिला लेकिन सिर्फ 22 किसानों को दो लाख का क्लेम देकर मामला खत्म कर दिया गया।


सिंघार ने सवाल उठाया कि नागलवाड़ी को तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने धार्मिक पर्यटक स्थल बनाने की नहीं हुई। प्रदेश से दो लाख घोषणा की थी, जो आज तक पूरी बच्चियां लापता बताई जा रही हैं, इनमें 50-58 हजार संख्या आदिवासी बच्चियों की है? सरकारी नौकरियों में आदिवासी वर्ग के पद खाली हैं। छात्रवृत्ति का समय पर भुगतान नहीं हो रहा। सरकार इन सब स्थितियों पर श्वेत पत्र जारी करे।

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