Tuesday, April 7, 2026

महिला नेतृत्व को मजबूत करने की दिशा में बढ़ रहा भारत, प्रधानमंत्री ने साझा किया लेख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज, 7 अप्रैल 2026 को, केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी द्वारा लिखित एक लेख साझा किया है।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला नेतृत्व वाली शासन व्यवस्था को लेकर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी द्वारा लिखित एक लेख साझा किया है। इस लेख में भारत में महिलाओं की भागीदारी को और सशक्त बनाने के लिए एक स्पष्ट रूपरेखा प्रस्तुत की गई है।


यह लेख भारत में महिला नेतृत्व वाली शासन व्यवस्था (Women-led Governance) को मजबूत करने के सरकार के दृष्टिकोण पर केंद्रित है। प्रधानमंत्री ने इस लेख के माध्यम से निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं को रेखांकित किया: 


  • महिला नेतृत्व को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि प्रतिनिधित्व को वास्तविक प्रभाव में बदलना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने हमेशा नारी शक्ति को प्राथमिकता दी है और इसी सोच के तहत महिला-नेतृत्व वाली शासन व्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है।
  • नारी शक्ति वंदन अधिनियम का जिक्र- प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उल्लेख करते हुए कहा कि यह महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक अहम कदम है। उन्होंने कहा कि यह पहल भारत को महिला-नेतृत्व वाली शासन व्यवस्था की ओर ले जा रही है, जो विकसित भारत के निर्माण का एक प्रमुख स्तंभ बनेगी।
  • लेख में भविष्य की कार्ययोजना- केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी के इस लेख में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने, निर्णय लेने की प्रक्रिया में उनकी भूमिका मजबूत करने और शासन में उनकी प्रभावी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए आगे की रणनीति का विस्तार से उल्लेख किया गया है।
  • महिला सशक्तिकरण पर बढ़ता फोकस- सरकार की ओर से महिला सशक्तिकरण को लेकर लगातार पहल की जा रही है, जिसमें शिक्षा, रोजगार, राजनीति और सामाजिक क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा दिया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि महिला नेतृत्व को मजबूत करने से देश के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी।

योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला, ग्रेटर नोएडा में ‘मेट्रो विश्वविद्यालय’ को मंजूरी

उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने 7 अप्रैल 2026 को हुई बैठक में ग्रेटर नोएडा में एक नए निजी विश्वविद्यालय, ‘मेट्रो विश्वविद्यालय’ (Metro University), की स्थापना को मंजूरी दे दी है।


योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में उच्च शिक्षा से जुड़े अहम प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके तहत ग्रेटर नोएडा में निजी क्षेत्र के अंतर्गत ‘मेट्रो विश्वविद्यालय’ की स्थापना को स्वीकृति दी गई है। इसे प्रदेश में उच्च शिक्षा के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि यह निर्णय उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 के प्रावधानों के तहत लिया गया है। इस अधिनियम के माध्यम से निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना, विनियमन और संचालन की स्पष्ट व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।


मंत्री ने बताया कि प्रायोजक संस्था सनहिल हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण से आवंटित 26.1 एकड़ भूमि पर ‘मेट्रो विश्वविद्यालय’ स्थापित करने का प्रस्ताव दिया गया था। विधिक परीक्षण के बाद इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इसके लिए ‘उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) अध्यादेश, 2026’ लागू करने और संस्था को संचालन प्राधिकार-पत्र जारी करने का भी निर्णय लिया गया है।


सरकार का मानना है कि इस विश्वविद्यालय की स्थापना से प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण और रोजगारपरक शिक्षा के नए अवसर सृजित होंगे। इससे युवाओं को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास के बेहतर मौके मिलेंगे, जिससे उनकी रोजगार क्षमता में वृद्धि होगी।


योगी सरकार उच्च शिक्षा के क्षेत्र में निजी निवेश को प्रोत्साहित करने पर जोर दे रही है। नए विश्वविद्यालयों की स्थापना से न केवल शिक्षा व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।


इसके अलावा कैबिनेट ने शिक्षामित्रों और अंशकालिक अनुदेशकों के मानदेय में भी बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। शिक्षामित्रों का मानदेय 10,000 रुपए से बढ़ाकर 18,000 रुपए प्रतिमाह कर दिया गया है, जिससे प्रदेश के लाखों शिक्षा कर्मियों को सीधा लाभ मिलेगा।


इस परियोजना के मुख्य विवरण निम्नलिखित हैं:

  • क्षेत्रफल और स्थान: यह विश्वविद्यालय ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा आवंटित 26.1 एकड़ भूमि पर बनाया जाएगा।
  • प्रस्तावक संस्था: इस विश्वविद्यालय की स्थापना का प्रस्ताव सनहिल हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड (Sunhill Healthcare Pvt Ltd) द्वारा दिया गया था।
  • कानूनी ढांचा: इसकी स्थापना 'उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019' के प्रावधानों के तहत की जाएगी. इसके लिए जल्द ही एक अध्यादेश (Ordinance) लाया जाएगा।


मुख्य उद्देश्य:

  • राज्य में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाना और छात्रों को आधुनिक शिक्षा प्रदान करना।
  • उद्योग की जरूरतों के अनुसार कौशल-आधारित और रोजगारपरक पाठ्यक्रम (Job-oriented courses) उपलब्ध कराना।
  • स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर और निवेश को प्रोत्साहित करना।


उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के अनुसार, यह कदम उत्तर प्रदेश को शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी बनाने और युवाओं को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय है।

सोमनाथ स्वाभिमान पर्व मनाने कलेक्टर आदेश जारी, वर्षभर होंगे आयोजन

सोमनाथ मंदिर पर 1026 ईस्वी में हुए पहले आक्रमण के 1000 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में, संस्कृति संचालनालय, भोपाल के निर्देशों के तहत 11 जनवरी 2026 से 11 जनवरी 2027 तक देशभर में "सोमनाथ स्वाभिमान पर्व - 1000 साल की अटूट आस्था" के तहत वर्षभर राष्ट्रीय स्मरणोत्सव मनाया जाएगा। इस ऐतिहासिक आयोजन के लिए जिला स्तर पर नोडल अधिकारी (विदिशा में सहायक संचालक प्रियांश शर्मा) नियुक्त किए गए हैं, जो वर्षभर सांस्कृतिक, शैक्षणिक और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेंगे।


मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति संचालनालय, भोपाल के निर्देशानुसार सोमनाथ मंदिर पर हुए प्रथम अभिलिखित आक्रमण के 1000 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 11 जनवरी 2026 से 11 जनवरी 2027 तक “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” के रूप में वर्षभर राष्ट्रीय स्मरणोत्सव मनाने का निर्णय लिया गया है।


इसी क्रम में कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता द्वारा जिले में आदेश जारी कर उक्त अवधि में विभिन्न गतिविधियों एवं आयोजनों के सफल क्रियान्वयन हेतु शिक्षा विभाग के सहायक संचालक श्री प्रियांश शर्मा को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। उन्हें कार्यक्रमों के समन्वय, संचालन एवं मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।


जारी आदेश के अनुसार, वर्षभर जिले में विभिन्न शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं जागरूकता आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य ऐतिहासिक विरासत के प्रति जनमानस में जागरूकता एवं स्वाभिमान की भावना को सुदृढ़ करना है।


प्रशासन ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि वे आपसी समन्वय के साथ निर्धारित गतिविधियों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें, ताकि यह राष्ट्रीय स्मरणोत्सव सार्थक रूप से संपन्न हो सके।


मुख्य बिंदु:

  • उद्देश्य: 1000 वर्षों के सभ्यतागत गौरव, अटूट आस्था और सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण की कहानी को रेखांकित करना।
  • अवधि: यह आयोजन 11 जनवरी 2026 से शुरू होकर पूरे एक साल यानी 11 जनवरी 2027 तक चलेगा।
  • आयोजन: वर्षभर विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से सांस्कृतिक और ऐतिहासिक जागरूकता फैलाई जाएगी।
  • नोडल अधिकारी: स्थानीय प्रशासन द्वारा जिला स्तरीय नोडल अधिकारियों को इन कार्यक्रमों की सफलता और मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी गई है।


यह पर्व सोमनाथ की जीवटता और सनातन संस्कृति के पुनर्उत्थान का स्मरणोत्सव है, जिसे राष्ट्रीय स्तर पर मनाया जा रहा है।

अच्छा स्वास्थ्य ही मानव जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है - राजस्व मंत्री

राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने सीहोर जिले के इछावर सिविल अस्पताल में मानसरोवर मेडिकल कॉलेज द्वारा आयोजित निशुल्क स्वास्थ्य परामर्श शिविर का शुभारंभ किया। इस शिविर में विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा महिला रोग, हड्डी रोग, नेत्र और ईएनटी के मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें निःशुल्क दवाइयां बांटी गईं।


राजस्व मंत्री श्री करण सिंह वर्मा ने इछावर सिविल हॉस्पिटल में मानसरोवर मेडिकल कॉलेज द्वारा आयोजित निःशुल्क स्वास्थ्य परामर्श शिविर का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं के महत्व पर प्रकाश डालते हुए आमजन को शिविर का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। मंत्री वर्मा ने कहा कि स्वस्थ समाज के लिए नियमित जांच जरूरी है, और प्रदेश सरकार बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है।


इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अच्छा स्वास्थ्य ही मानव जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है और समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को सुलभ एवं बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है।


शिविर में महिला रोग, हड्डी रोग, शिशु रोग, नेत्र, ईएनटी सहित विभिन्न विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा मरीजों का परीक्षण किया गया एवं परामर्श दिया गया। शिविर में कुल 384 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा निःशुल्क दवाइयों का वितरण किया गया। साथ ही ईसीजी, ब्लड प्रेशर एवं शुगर की जांच भी की गई। इस अवसर पर एसडीएम श्रीमती स्वाति मिश्रा, सीएमएचओ डॉ सुधीर डेहरिया, मानसरोवर ग्रुप के प्रो-चांसलर ईआर. गौरव तिवारी सहित जनप्रतिनिधि, एवं अन्य सदस्य उपस्थित थे।


शिविर की मुख्य विशेषताएं:

  • आयोजक: मानसरोवर मेडिकल कॉलेज (सिविल अस्पताल, इछावर के सहयोग से)।
  • विशेषज्ञ सेवाएं: महिला रोग, हड्डी रोग, शिशु रोग, नेत्र एवं ईएनटी (ENT) जांच।
  • परीक्षण: ईसीजी (ECG), ब्लड प्रेशर और शुगर की जांच की गई।
  • कुल लाभार्थी: लगभग 384 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण हुआ।
  • उद्देश्य: सुलभ और उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना।

मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी ने सीधी भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत चयनित 40 अभ्यार्थियों को नियुक्ति पत्र किए जारी

मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड (MPPGCL) ने सीधी भर्ती प्रक्रिया के तहत हाल ही में चयनित 40 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र (Appointment Letters) जारी किए हैं। यह कदम राज्य में विद्युत उत्पादन व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है। चयनित अभ्यर्थियों के नियुक्ति पत्र कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट https://www.mppgcl.mp.gov.in के करियर अनुभाग में अपलोड कर दिए गए हैं।


उल्लेखनीय है कि राज्य की विद्युत कंपनियों में सीधी भर्ती के माध्यम से नियमित अंतराल पर रिक्त पदों की पूर्ति की जा रही है। इसी क्रम में मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी द्वारा वर्ग-3 के अंतर्गत विभिन्न पदों की पूर्ति के लिये भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित की गई थी। इसके अंतर्गत कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) का आयोजन, दस्तावेज सत्यापन तथा निर्धारित पदों के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षण की प्रक्रिया पूर्ण कर अंतिम चयन सूची जारी की गई थी।


जारी नियुक्ति आदेशों के अनुसार वर्ग-3 के पदों के लिए चयनित 40 अभ्यर्थियों में भंडार सहायक प्रशिक्षु 08, सुरक्षा सैनिक प्रशिक्षु 11, कनिष्ठ शीघ्रलेखक प्रशिक्षु 15, ड्रेसर (पट्टी बंधक) 02, अग्निशामक प्रशिक्षु 04 शामिल हैं। नियुक्ति पत्रों में अभ्यर्थियों के लिए पदस्थापना स्थल, रिपोर्टिंग की तिथि, समय-सीमा तथा आवश्यक दस्तावेजों से संबंधित विस्तृत निर्देश दिए गए हैं। सभी चयनित अभ्यर्थियों से अपेक्षा की गई है कि वे निर्देशों का अवलोकन कर आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित समय-सीमा के भीतर संबंधित कार्यालय में उपस्थित होकर कार्यभार ग्रहण करें।


मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने चयनित अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि नई पीढ़ी के इन प्रतिभाशाली युवाओं ने अपने ज्ञान एवं कौशल के आधार पर कंपनी में अपना स्थान सुनिश्चित किया है। उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि सभी भावी कार्मिक अपनी कर्मठता, समर्पण एवं सीखने की प्रतिबद्धता का परिचय देते हुए प्रशिक्षण अवधि का अधिकतम लाभ उठाएँगे।


कार्यपालक निदेशक मानव संसाधन व प्रशासन दीपक कश्यप ने जानकारी दी कि विभिन्न भर्ती प्रक्रियाओं के माध्यम से कंपनी में रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जा रहा है तथा युवाओं को समय-समय पर अपनी दक्षता सिद्ध करने के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि चयनित अभ्यर्थियों को प्रशिक्षणार्थी के रूप में नियुक्त किया गया है। साथ ही उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ये भावी कार्मिक अपने योगदान से कंपनी की सतत प्रगति एवं सुदृढ़ विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।


भर्ती प्रक्रिया की मुख्य बातें

  • पदों की जानकारी: यह नियुक्तियां राज्य की विद्युत कंपनियों में रिक्त पदों की पूर्ति के लिए नियमित अंतराल पर की जा रही सीधी भर्ती प्रक्रिया का हिस्सा हैं।
  • चयन का आधार: अभ्यर्थियों का चयन कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) और उसके बाद हुए दस्तावेज सत्यापन (Document Verification) के आधार पर किया गया है।
  • विद्युत उत्पादन सुदृढ़ीकरण: कंपनी द्वारा इन नई नियुक्तियों के माध्यम से थर्मल और हाइड्रो पावर प्लांटों के संचालन और रखरखाव को बेहतर बनाने का लक्ष्य रखा गया है।


हालिया भर्ती अभियान

MPPGCL द्वारा पिछले कुछ समय में कई महत्वपूर्ण भर्ती विज्ञापन जारी किए गए थे: 

  • जुलाई 2025 विज्ञापन: वर्ग-2, वर्ग-3 और वर्ग-4 के अंतर्गत 18 विभिन्न पदों की पूर्ति हेतु विज्ञापन जारी किया गया था।
  • अन्य पद: हाल के अभियानों में असिस्टेंट इंजीनियर, जूनियर इंजीनियर, प्लांट असिस्टेंट और केमिस्ट जैसे तकनीकी और गैर-तकनीकी पदों के लिए चयन प्रक्रिया आयोजित की गई थी। 


इन 40 चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति से कंपनी की कार्यक्षमता में वृद्धि होने की उम्मीद है।

Monday, April 6, 2026

जेम ने रचा नया कीर्तिमान, 18.4 लाख करोड़ रुपये का जीएमवी पार

गवर्नमेंट ई मार्केटप्लेस (जेम) ने सार्वजनिक खरीद के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए कुल 18.4 लाख करोड़ रुपये का सकल व्यापार मूल्य (जीएमवी) पार कर लिया है। वित्त वर्ष 2025-26 में ही 5 लाख करोड़ रुपये का जीएमवी दर्ज किया गया, जो इसकी तेज़ी से बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। जेम एक पारदर्शी, कुशल और समावेशी डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में उभरा है, जो सरकारी खरीद प्रक्रियाओं को सरल बनाते हुए विभिन्न उद्यमों को सरकारी मांग से जोड़ता है। यह सार्वजनिक व्यय में पारदर्शिता और आर्थिक समावेशन को बढ़ावा दे रहा है।


प्लेटफॉर्म पर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसई) की भागीदारी उल्लेखनीय रही है। वित्त वर्ष 2025-26 में कुल ऑर्डरों का 68% एमएसई द्वारा पूरा किया गया, जो कुल जीएमवी का 47.1% है। जेम पर 2.1 लाख से अधिक महिला-नेतृत्व वाले एमएसई पंजीकृत हैं, जिन्हें 28,000 करोड़ रुपये से अधिक के ऑर्डर मिले हैं। वहीं, अनुसूचित जाति और जनजाति के उद्यमों को 6,000 करोड़ रुपये से अधिक के ऑर्डर प्राप्त हुए हैं। स्टार्टअप उद्यमों ने भी इस प्लेटफॉर्म पर मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। वित्त वर्ष 2025-26 में इन्हें 19,000 करोड़ रुपये से अधिक के ऑर्डर मिले, जो 36% से अधिक की वृद्धि दर्शाते हैं। जेम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), मशीन लर्निंग (एमएल) और उन्नत विश्लेषण का उपयोग किया जा रहा है। इससे खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ी है और अनियमितताओं की पहचान आसान हुई है। केंद्रीय मंत्रालयों और सार्वजनिक उपक्रमों के साथ-साथ अब राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की भागीदारी भी तेजी से बढ़ रही है। वित्त वर्ष 2025-26 में राज्यों द्वारा की गई खरीद में 38.3% की वृद्धि दर्ज की गई है। जेम के सीईओ मिहिर कुमार ने कहा कि 18.4 लाख करोड़ रुपये का जीएमवी पार करना इस प्लेटफॉर्म में खरीदारों और विक्रेताओं के बढ़ते विश्वास का प्रमाण है।


गवर्नमेंट ई मार्केटप्लेस (GeM) भारत सरकार का एक राष्ट्रीय सार्वजनिक खरीद पोर्टल है, जिसे 9 अगस्त 2016 को वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा लॉन्च किया गया था। इसे सरकारी विभागों, मंत्रालयों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) द्वारा वस्तुओं और सेवाओं की ऑनलाइन खरीद के लिए "वन-स्टॉप शॉप" के रूप में बनाया गया है।


GeM की मुख्य विशेषताएं और लाभ

  • पारदर्शिता और दक्षता: यह पूरी प्रक्रिया को पेपरलेस, संपर्क रहित और कैशलेस बनाता है, जिससे भ्रष्टाचार कम होता है।
  • समावेशिता: यह MSMEs (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों), स्टार्टअप्स और महिला उद्यमियों को सरकारी खरीद में भाग लेने का सीधा अवसर देता है।
  • अनिवार्य खरीद: जनरल फाइनेंशियल रूल्स (GFR) के नियम 149 के अनुसार, यदि कोई वस्तु GeM पर उपलब्ध है, तो सरकारी विभागों के लिए उसे वहीं से खरीदना अनिवार्य है।
  • व्यापक रेंज: पोर्टल पर 11,000 से अधिक उत्पाद श्रेणियां और 300 से अधिक सेवा श्रेणियां उपलब्ध हैं।


कौन उपयोग कर सकता है?

  • खरीदार (Buyers): केवल केंद्र और राज्य सरकार के विभाग, सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयाँ, स्वायत्त निकाय और स्थानीय निकाय।
  • विक्रेता (Sellers): कोई भी व्यक्ति या फर्म (निर्माता, पुनर्विक्रेता या सेवा प्रदाता) जो सरकारी निविदाओं में भाग लेना चाहता है। विक्रेताओं के लिए GeM पंजीकरण पूर्णतः निःशुल्क है।


महत्वपूर्ण आंकड़े और नेतृत्व (अप्रैल 2026 के अनुसार)

Gross Merchandise Value (GMV): GeM ने अब तक कुल ₹18.4 लाख करोड़ का कारोबार पार कर लिया है। मुख्य नेतृत्व: गुजरात कैडर के IAS अधिकारी अजय भादू को GeM का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया है (कार्यकाल 3 मार्च 2025 से प्रभावी)। 


खरीद के नियम (GFR 149)

खरीद की सीमा के आधार पर प्रक्रिया इस प्रकार है: 

  • ₹25,000 तक: सीधे किसी भी उपलब्ध विक्रेता से खरीद सकते हैं।
  • ₹25,001 से ₹5,00,000 तक: कम से कम तीन अलग-अलग निर्माताओं के बीच तुलना करके सबसे कम कीमत वाले (L1) विक्रेता से।
  • ₹5,00,000 से अधिक: ऑनलाइन बोली (Bidding) या रिवर्स ऑक्शन के माध्यम से अनिवार्य रूप से L1 विक्रेता से।


GeM पर विक्रेता (Seller) के रूप में पंजीकरण

GeM (Government e-Marketplace) पर विक्रेता के रूप में पंजीकरण के लिए, आधिकारिक वेबसाइट gem.gov.in पर जाएं, 'Sign Up' > 'Seller' चुनें, और आधार-लिंक मोबाइल नंबर का उपयोग करके साइन-अप करें। पैन, जीएसटी, उद्यम (MSME) और बैंक विवरण के साथ अपनी व्यावसायिक इकाई (Proprietorship/Company) को पंजीकृत करें, फिर नियम व शर्तें स्वीकार कर क्रेडेंशियल सत्यापित करें।


GeM विक्रेता पंजीकरण प्रक्रिया (चरण-दर-चरण):

  • वेबसाइट पर जाएं: GeM पोर्टल खोलें और 'Sign Up' बटन पर क्लिक करके 'Seller' (विक्रेता) चुनें।
  • प्राथमिक उपयोगकर्ता साइन-अप (Primary User Sign-up):
  • व्यवसाय इकाई का प्रकार चुनें (Proprietorship, Partnership, Private Limited, आदि)।
  • अपने आधार नंबर और आधार-लिंक्ड मोबाइल नंबर का उपयोग करके स्वयं को सत्यापित करें (यह व्यक्ति व्यवसाय का प्रमुख/अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता होना चाहिए)।
  • आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर प्राप्त OTP को दर्ज करें।


व्यापार विवरण (Business Details):

  • अपना PAN नंबर और संगठन का नाम दर्ज करें।
  • GSTIN (यदि लागू हो) और Udyam/MSME विवरण अपडेट करें।
  • लॉगिन क्रेडेंशियल बनाएं: एक वैध ईमेल आईडी और पासवर्ड बनाएं, फिर सेलर डेस्क में लॉग इन करें।


प्रोफाइल अपडेट करें:

  • कंपनी की जानकारी, पता, बैंक खाता विवरण और कर-सम्बन्धी विवरण भरें।
  • अपनी कैटेगरी (उत्पाद या सेवाएं) चुनें।
  • अनुपालन (Compliance): कुछ श्रेणियों के लिए, QCI विक्रेता मूल्यांकन (Vendor Assessment) या उत्पाद परीक्षण रिपोर्ट (Test Reports) की आवश्यकता हो सकती है। 


पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज:

  • आधार कार्ड (मोबाइल से लिंक)
  • PAN कार्ड (कंपनी/प्रोपराइटर का)
  • GSTIN (जीएसटी संख्या)
  • UDYAM/MSME प्रमाण पत्र (यदि हो)
  • बैंक खाता विवरण (कैंसिल्ड चेक के साथ)
  • ईमेल आईडी 


ध्यान दें: पंजीकरण प्रक्रिया को पूरा करने के लिए वेबसाइट के 'Sign Up' > 'Seller' के बाद 'Review Terms and Conditions' को ध्यान से पढ़ें और स्वीकार करें।

विदिशा जिले में उत्कृष्ट छात्रावासों में विषयवार शिक्षकों की नियुक्ति हेतु आवेदन आमंत्रित

मध्यप्रदेश शासन के अनुसूचित जाति कल्याण विभाग द्वारा जारी निर्देशानुसार विदिशा जिले में अनुसूचित जाति विकास एवं जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित उत्कृष्ट छात्रावासों में विषयवार शिक्षकों (कोचिंग हेतु) की नियुक्ति के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इच्छुक अभ्यर्थी 07 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 तक अपने आवेदन जिला संयोजक कार्यालय में जमा कर सकते हैं।


जारी सूचना के अनुसार शिक्षकों को प्रति कालखंड 300 रुपये की दर से मानदेय प्रदान किया जाएगा तथा एक माह में अधिकतम 20 कालखंडों का मानदेय देय होगा। विभिन्न कक्षाओं के लिए गणित, अंग्रेजी, विज्ञान, भौतिक शास्त्र, रसायन शास्त्र, जीव विज्ञान एवं कंप्यूटर सामान्य ज्ञान विषयों के लिए शिक्षकों की आवश्यकता निर्धारित की गई है। प्रत्येक विषय हेतु एक-एक शिक्षक की नियुक्ति की जाएगी।


निर्धारित योग्यता के अनुसार 9वीं एवं 10वीं कक्षाओं के लिए संबंधित विषय में स्नातक स्तर पर न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक होना अनिवार्य है, जबकि 11वीं एवं 12वीं कक्षाओं के लिए संबंधित विषय में स्नातकोत्तर स्तर पर न्यूनतम 60 प्रतिशत अंक आवश्यक होगा। कंप्यूटर सामान्य ज्ञान के कालखंड रविवार को आयोजित किए जाएंगे, जिनके लिए माह में अधिकतम 5 कालखंड का मानदेय निर्धारित है।


चयनित शिक्षकों को कोचिंग कार्य से संबंधित मासिक डायरी संधारित करना अनिवार्य होगा। इच्छुक अभ्यर्थी अपने आवेदन, व्यक्तिगत एवं शैक्षणिक विवरण के साथ आवश्यक प्रमाण पत्रों की छायाप्रति संलग्न करते हुए  07 अप्रैल  से 15 अप्रैल तक जिला संयोजक कार्यालय, अनुसूचित जाति विकास एवं जनजातीय कार्य विभाग, विदिशा में जमा कर सकते हैं। जिन विषयों के लिए एक-एक शिक्षक की आवश्यकता है उनमें गणित, अंग्रेजी, विज्ञान, कम्प्यूटर सामान्य ज्ञान, भौतिक शास्त्र, रसायन शास्त्र, जीव विज्ञान, अंग्रेजी तथा महाविद्यालयीन स्तर पर अंग्रेजी विषय को पढ़ाने हेतु शिक्षको की आवश्यकता है।


भर्ती से जुड़ी मुख्य जानकारी:

  • विषय: गणित, अंग्रेजी, विज्ञान, भौतिकी, रसायन, जीव विज्ञान और कंप्यूटर ज्ञान।
  • मानदेय: प्रति कालखंड ₹300 (अधिकतम 20 कालखंड/माह)। कंप्यूटर कक्षाएं केवल रविवार को (अधिकतम 5 कालखंड)।
  • योग्यता: 9वीं-10वीं के लिए संबंधित विषय में 60% के साथ स्नातक, 11वीं-12वीं के लिए 60% के साथ स्नातकोत्तर अनिवार्य।


आवेदन प्रक्रिया:

योग्य उम्मीदवार अपने शैक्षणिक दस्तावेजों के साथ, विदिशा में संबंधित जिला संयोजक कार्यालय में अंतिम तिथि (15 अप्रैल 2026) तक आवेदन कर सकते हैं। चयनित उम्मीदवारों के लिए मासिक रिपोर्टिंग (डायरी) अनिवार्य होगी।

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